20 हाथियों के झुंड के बीच रहस्यमय हालात में हथिनी की मौत, 8 घंटे लेट पहुंची वन विभाग की टीम!

Manju
By Manju
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डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर : पश्चिमी सिंहभूम जिले के नोवामुंडी वन प्रक्षेत्र के तहत आने वाले टांकुरा गांव के पास एक जंगली हथिनी की संदेहास्पद स्थिति में मौत हो गई। घटना से इलाके में हड़कंप मच गया है। खास बात यह है कि सूचना मिलने के लगभग आठ घंटे बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची, जिससे स्थानीय ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखने को मिली।

धान की फसल को पहुंचाया नुकसान
​स्थानीय लोगों के अनुसार, घटना से ठीक पहले लगभग 20 जंगली हाथियों का एक झुंड जिकीलाता जंगल के रास्ते टांकुरा बुरमा टोला के पास आ धमका था। इस झुंड में तीन छोटे शिशु हाथी भी शामिल थे। हाथियों के इस दल ने बा खदान के पास लांदुब गेना जंगल से सटे मन चूड़िया बुरमा क्षेत्र में धावा बोल दिया। झुंड ने इसराइल सुरेन, सुनिया सुरेन और गोमा सुरेन के खेतों में लगी पकी हुई धान की फसल को न केवल खाया, बल्कि उसे बुरी तरह रौंदकर बर्बाद भी कर दिया।
​इसी उथल-पुथल के बीच झुंड की एक हथिनी की अचानक मौत हो गई, जिसका शव सुबह खेत में मिला।

ग्रामीणों में वन विभाग की सुस्ती को लेकर आक्रोश
​जब ग्रामीण जंगल की ओर गए, तो उन्होंने खेत में हथिनी का शव पड़ा देखा और तुरंत इसकी सूचना वन विभाग को दी। आरोप है कि बार-बार सूचना देने के बावजूद वन विभाग की टीम करीब आठ घंटे की देरी से घटनास्थल पर पहुंची। इसके बाद विभाग की ओर से जेसीबी मशीन मंगवाकर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई।

ओडिशा वन विभाग की टीम भी पहुंची
​मामले की गंभीरता को देखते हुए पड़ोसी राज्य ओडिशा के नालदा सेक्शन से वन विभाग की पांच सदस्यीय टीम भी बुधवार दोपहर करीब 12 बजे मौके पर पहुंची। उन्होंने स्थानीय ग्रामीणों से पूछताछ कर पूरी जानकारी जुटाई और वापस लौट गए। वही नोवामुंडी वन प्रक्षेत्र की तरफ से भी एक चार सदस्यीय टीम को जांच के लिए भेजा गया था। फिलहाल हथिनी की मौत के असली कारणों का खुलासा नहीं हो सका है। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पूरी जांच के बाद ही मौत के सही कारणों से पर्दा उठ पाएगा।

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