डिजिटल डेस्क। मिरर मीडिया : असम के डिब्रूगढ़ जिले के तेंगाखत स्थित ऑयल इंडिया लिमिटेड के इंटरमीडिएट टैंक फार्म में शुक्रवार सुबह एक बड़ा हादसा हो गया। शुरुआती तकनीकी काम और रूटीन मेंटेनेंस के दौरान बरती गई कथित चूक के चलते क्रूड ऑयल स्टोरेज सेक्शन के एक वॉल्व को ऑपरेट करते समय भीषण विस्फोट हुआ, जिसके बाद वहां भयंकर आग लग गई। इस दर्दनाक हादसे में एक व्यक्ति की जान चली गई, जबकि छह अन्य गंभीर रूप से झुलस गए।
मेंटेनेंस के दौरान कैसे हुआ हादसा?
प्रत्यक्षदर्शियों और रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह घटना सुबह करीब 9:05 बजे उस वक्त हुई जब फैक्ट्री में नियमित रख-रखाव का काम चल रहा था। क्रूड ऑयल स्टोरेज एरिया में वॉल्व ऑपरेट करने के दौरान अचानक तकनीकी खराबी या सुरक्षा मानकों की अनदेखी के चलते धमाका हुआ, जिसकी तीव्रता इतनी अधिक थी कि एक कर्मचारी दूर जा गिरा और वह फिलहाल लापता है।
घायलों की पहचान और अस्पतालों में भर्ती
हादसे में घायल हुए ज्यादातर कर्मचारी मुंबई की ‘स्पेक्ट्रोन इंजीनियर्स प्राइवेट लिमिटेड’ के बताए जा रहे हैं, जिसे ऑयल इंडिया लिमिटेड ने अनुबंध पर काम के लिए नियुक्त किया था। घायलों की पहचान इस तरह हुई है।
तापास गोगोई (40) – मिलन नगर, डिब्रूगढ़
शैलेन गोगोई (45) – तेंगाखत
कुमुद गोगोई (38) – तेंगाखत
गोलाप दत्ता (58) – तेंगाखत
इंद्र गोगोई (40) – तेंगाखत
इनमें से पांच गंभीर रूप से घायलों का इलाज असम मेडिकल कॉलेज व हॉस्पिटल में चल रहा है, जबकि अन्य को ऑयल इंडिया अस्पताल में शिफ्ट किया गया है। वहीं, धमाके के बाद से लापता एक अन्य कर्मचारी की तलाश के लिए विशेष रेस्क्यू टीमें लगातार जुटी हुई हैं।
प्रबंधन की प्रतिक्रिया और स्थिति नियंत्रण में
घटना की सूचना मिलते ही ऑयल इंडिया की फायर ब्रिगेड और सुरक्षा टीमों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आग पर पूरी तरह काबू पा लिया। कंपनी प्रबंधन ने इस दुर्घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। हालांकि, इस बात की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है कि सुरक्षा प्रोटोकॉल का पूरी तरह पालन हो रहा था या नहीं, और इस लापरवाही के पीछे असल तकनीकी खामी क्या थी। कंपनी का कहना है कि स्थिति पर नजर रखी जा रही है और जांच के बाद आगे के अपडेट साझा किए जाएंगे।

