धनबाद में 2 पुलिसकर्मियों पर जानलेवा हमला! JMM नेता हरेंद्र चौहान समेत कई पर FIR

Reena Sharma
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धनबाद में कानून के रखवालों पर ही जानलेवा हमला करने का आरोप लगा है। घर लौट रहे झारखंड पुलिस के दो जवानों के साथ कथित तौर पर जमकर मारपीट की गयी। आरोप है कि रास्ता देने की बात पर विवाद शुरू हुआ और देखते ही देखते मामला जानलेवा हमले तक पहुंच गया। इस पूरे मामले में झारखंड मुक्ति मोर्चा के हरेंद्र चौहान और चंदन चौहान समेत 15 से 20 अज्ञात लोगों पर गंभीर आरोप लगाये गये हैं। पीड़ित जवानों ने धनबाद थाना में आवेदन देकर प्राथमिकी दर्ज करायी है।

रास्ते में खड़ी थीं चार गाड़ियां

दरअसल, FIR के मुताबिक, घटना 5 नवंबर की रात करीब 11 बजकर 20 मिनट की है। झारखंड पुलिस के जवान अजित कुमार सिंह अपने दोस्त पंकज कुमार सिंह के साथ घर लौट रहे थे। इसी दौरान बारामुड़ी स्थित संगम होटल से आगे पुष्प वाटिका अपार्टमेंट के सामने चार गाड़ियां रास्ते में खड़ी थीं।

रास्ता हटाने की बात पर विवाद

आरोप है कि इन गाड़ियों को किनारे करने की बात कहने पर JMM के महानगर उपाध्यक्ष हरेंद्र चौहान और चंदन चौहान नाराज हो गये। इसके बाद उनके साथ मौजूद करीब 15 से 20 लोगों ने दोनों पुलिसकर्मियों के साथ गाली-गलौज और मारपीट शुरू कर दी।

लोहे की रॉड और लाठी-डंडों से हमला

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि लोहे की रॉड और लाठी-डंडों से दोनों पर हमला किया गया। हरेंद्र चौहान और चंदन चौहान पर रॉड से मारने का आरोप है, जबकि एक अंगरक्षक पर पिस्टल तानने और उसके बट से हमला करने का दावा किया गया है।

गला दबाकर जान लेने की कोशिश का आरोप

इतना ही नहीं, शिकायतकर्ता का आरोप है कि आरोपियों ने दोनों का गला दबाकर जान लेने की कोशिश की। इस दौरान अजित कुमार सिंह की जेब से 50 हजार रुपये नकद और गले से सोने की चेन छीन ली गयी। उनकी गाड़ी को भी क्षतिग्रस्त कर दिया गया।

जान से मारने की धमकी देकर फरार

आवेदन के मुताबिक, दूसरी गाड़ियों को आते देख सभी आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से फरार हो गये। इसी दौरान हरेंद्र चौहान का मोबाइल घटनास्थल पर गिर गया।

कांड संख्या 377/26 के तहत प्राथमिकी

मामले में धनबाद थाना में कांड संख्या 377/26, दिनांक 6 नवंबर 2026 को प्राथमिकी दर्ज की गयी है। FIR में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराएं लगायी गयी हैं। मामले के अनुसंधान की जिम्मेदारी SI को दे दी गयी है। घटना के दौरान आरोपी का गिरा हुआ मोबाइल भी धनबाद थाना को सुपुर्द कर दिया गया है।

हालांकि, FIR में लगाये गये आरोपों की सच्चाई पुलिस जांच के बाद ही सामने आयेगी। फिलहाल आरोपों पर हरेंद्र चौहान और दूसरे पक्ष का आधिकारिक बयान सामने आना बाकी है।

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