सीएम ने पश्चिमी सिंहभूम को दी योजनाओं की सौगात, चाईबासा स्थित रेलवे ओवरब्रिज, सुसज्जित पिल्लई हॉल जनता को सुपुर्द किया, एसीसी सीमेंट कंपनी के लिए चयनित 45 व टिस्को अप्रेंटिसशिप में चयनित 36 अभ्यर्थियों को सौंपा नियुक्ति पत्र, 11098 लाभुकों के बीच किया परिसंपत्तियों का वितरण, 51 योजनाओं का शिलान्यास व 44 योजनाओं का हुआ उद्घाटन

Manju
By Manju
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चाईबासा/जमशेदपुर : हमें सामाजिक सांस्कृतिक व्यवस्थाओं को ध्यान में रखकर विकास की यात्रा को तय करना है। झारखण्ड के उद्योग का लाभ राज्यवासियों को भी मिले, इसके लिए कार्य होने चाहिए। क्षेत्र में लगने वाले उद्योग वहां के ग्रामीणों का ध्यान रखेंगे तो ग्रामीण भी अवश्य उनके लिए सदैव तत्पर रहेंगे। आज एसीसी सीमेंट कंपनी के द्वारा स्थानीय लोगों को नियुक्ति पत्र दिया गया। यह सुखद क्षण है, इससे पूर्व 2013 में नियुक्ति पत्र वितरित किया गया था। इस क्षेत्र में बड़े उद्योग आ रहें हैं। स्टील उद्योग स्थापित होने की प्रक्रिया में है। इससे भी क्षेत्र में रोजगार का सृजन होगा। अब सब चीजों को नया स्वरूप देने की कोशिश की जा रही है। ये बातें मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कही। सोरेन चाईबासा के पिल्लई सभागार में विभिन्न योजनाओं के उद्घाटन, शिलान्यास और परिसंपत्तियों के वितरण कार्यक्रम में बोल रहे थे।

किसान, खिलाड़ियों और ग्रामीणों का है ध्यान

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना संक्रमण काल में रोजगार का अभाव रहा। प्रतिष्ठान बंद रहे। राज्य के श्रमिक अपने गांव लौट रहे थे। मानो गरीबों पर पहाड़ टूट पड़ा हो। इस को ध्यान में रखकर राज्य सरकार ने कई योजना ग्रामीण क्षेत्रों में शुरू की ताकि ग्रामीणों को रोजगार मिल सके। पश्चिमी सिंहभूम की बात करें तो फोटो हो खेल योजना के तहत 724 मैदान तैयार किए जाने हैं, इनमें से एक 114 मैदान का कार्य पूर्ण हो चुका है। 420 मैदान का निर्माण कार्य जारी है। किसानों की ऋण माफी के तहत प. सिंहभूम के करीब 1500 लाभुकों को आच्छादित किया गया है। अन्य किसानों को इस योजना से आच्छादित करने का कार्य जारी है। करीब 64 करोड़ रुपए ऋण के तहत किसानों के माफ किए गए हैं। आने वाले दिनों में किसानों की समृद्धि के लिए हर संभव प्रयास सरकार करेगी।

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आवागमन हेतु सड़क निर्माण का कार्य होगा

मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखण्ड खनिजों से भरा राज्य है। राज्य की कई सड़कें नेशनल हाईवे में चली गई हैं, जो भारत सरकार के अधीन हैं, इन सड़कों के निर्माण में स्वीकृति लेने में समय लगता है। जल्द से जल्द इसकी स्वीकृति कराई जाएगी। चाईबासा-हाट गम्हरिया पथ निर्माण हेतु 250 करोड़ रुपये का डीपीआर भेजा गया है। फिलहाल तीन करोड़ की लागत से उक्त सड़क को दुरुस्त किया जाएगा। चाईबासा में बाईपास सड़क निर्माण का प्रस्ताव आया हुआ है। यह भी एनएच द्वारा बनना है। भूमि अधिग्रहण व मुआवजे की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। इसका निर्माण कार्य वर्ष 2021 में शुरू होने की संभावना है। हल्दिया पोर्ट तक के लिए एक्सप्रेस हाईवे साथ ही, सभी जिलों में बाईपास निर्माण का प्रस्ताव है, जिसे जल्द पूरा किया जाएगा।

हमें अपने खिलाड़ियों पर गर्व होना चाहिये

मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखण्ड के ग्रामीण क्षेत्र में खिलाड़ियों की संभावना दिखती है। इसके प्रोत्साहन हेतु राज्य सरकार ने जिला खेल पदाधिकारियों की नियुक्ति की। बड़े पैमाने पर खिलाड़ियों की भी नियुक्ति की गई है। टोक्यो ओलंपिक में राज्य की बेटियां जौहर दिखा रही हैं। ये आदिवासी बच्चे हैं, जिन्होंने बिना संसाधन के मुकाम पाया है। हमें इन पर गर्व होना चाहिए।

संक्रमण काल में प्रबंधन की चर्चा हुई
मुख्यमंत्री ने कहा कि संक्रमण काल में हमने काफी उतार-चढ़ाव को देखा। गतिविधियां जहां थी वहीं रुक गई थीं। सरकार ने आर्थिक सामाजिक क्षेत्र में कमजोर लोगों को समृद्ध करने का संकल्प लिया है। अब धीरे-धीरे महामारी से जूझते हुए आगे बढ़ रहे हैं। संक्रमण काल में अपने सीमित संसाधनों से झारखण्ड ने जो प्रबंधन किया, उसकी चर्चा रही। लेकिन हमें इस संक्रमण के प्रति हमेशा सजग रहना है। सरकार द्वारा जारी दिशा निर्देश का पालन करते हुए इस चुनौती का हम मिलकर सामना करेंगे।

इसलिए हुई नियुक्ति, मिलने लगा रैयतों को सम्मान

एसीसी सीमेंट कंपनी वर्ष 1946 से पश्चिमी सिंहभूम में कार्यरत है। कंपनी द्वारा पूर्व में सरकार के माध्यम से चूना पत्थर खनन के लिए भूमि का अधिग्रहण किया गया था। उक्त समय में भूमि अधिग्रहण करते हुए मुआवजे के अलावा योग्य भूमि मालिकों को कंपनी द्वारा नौकरी दी गई थी परंतु कुछ रैयतों के द्वारा पुराने भू-अर्जन से संबंधित मामला को लेकर नौकरी का दावा किया गया। मामले पर संज्ञान लेते हुए रैयतों के दावे के आलोक में राज्य सरकार ने कंपनी प्रतिनिधियों, दोकट्टा, कोन्दोवा, रजंका, ग्राम मुंडा, मानकी, ग्राम प्रतिनिधियों से वार्ता कर हुए भू-अर्जन से संबंधित सभी मामलों का स्थाई निदान किया गया। जिसके तहत स्थापना के समय से लेकर अब तक के सभी मामलों में एकमुश्त योजना के रूप में 45 लोगों को नौकरी देने की सहमति बनी और कंपनी के रोजगार नीति के अनुसार परिवार के योग्य सदस्य को नियुक्ति पत्र सौंपा गया। सभी 45 नियुक्तियों की जॉइनिंग F3 माइंस के सफल अधिग्रहण एवं खनन कार्यों के शुरू होने के पश्चात दी जाएगी। तत्काल सभी 45 व्यक्तियों को कंपनी के द्वारा औपबंधिक नियुक्ति पत्र मुख्यमंत्री के माध्यम से  वितरण किया गया।

चाईबासा वासियों को मिलेगी जाम से मुक्ति

चाईबासा में यातायात के दृष्टिकोण से प्रमुख स्थान जेएमपी चौक स्थित रेलवे फाटक पर प्रतिदिन जाम की समस्या से जूझने वाले शहर वासियों की अब जाम से मुक्ति मिल जाएगी। बहुप्रतीक्षित मांग रेलवे ओवरब्रिज निर्माण के आलोक में चाईबासा/हाता मेन रोड, एन.एच 220 पर कुल 43.12 करोड़ की लागत से 780 मीटर लंबा 11.5 मीटर चौड़ा रेलवे ओवरब्रिज पश्चिमी सिंहभूम की जनता को मुख्यमंत्री ने सुपुर्द किया।

पिल्लई टाउन हॉल का हुआ जीर्णोद्धार

सन 1939 में निर्मित पिल्लई हॉल का निर्माण हुआ था। 80 वर्ष पुराने पिल्लई टाउन हॉल के पुनरुद्धार की आवश्यकता को महसूस करते हुए मुख्यमंत्री की पहल पर सीएसआर मद में जीर्णोद्धार एवं आधुनिकीकरण का कार्य करा कर चाईबासा वासियों के लिए तैयार किया गया।

इस अवसर पर मंत्री जोबा मांझी, सिंहभूम सांसद गीता कोड़ा, चाईबासा विधायक दीपक बिरुवा, चक्रधरपुर विधायक सुखराम उरांव, जगरनाथपुर विधायक सोनाराम सिंकु, डीआईजी पश्चिमी सिंहभूम असीम विक्रांत मिंज, उपायुक्त पश्चिमी सिंहभूम अनन्या मित्तल, पुलिस अधीक्षक अजय लिंडा व अन्य उपस्थित थे।

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