मिरर मीडिया : धनबाद के जज उत्तम आनंद हत्याकांड मामले में झारखंड हाई कोर्ट ने नाराजगी जाताई है। आपको बता दें कि शुक्रवार को जज हत्याकांड मामले में झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। इस बाबत चीफ जस्टिस डॉ रवि रंजन ने सीबीआई की दायर चार्जशीट पर नाराजगी जाहिर करते हुए सीबीआई को फटकार भी लगाई है।
अदालत ने कहा कि जब हाई कोर्ट मामले की निगरानी कर रही है तो बिना उसकी अनुमति के निचली अदालत में चार्जशीट कैसे दाखिल कर दी गई। अदालत ने कहा कि जब चार्जशीट में हत्या के मोटिव के बारे में नहीं बताया गया है तो जांच पूरी करते हुए चार्जशीट कैसे दाखिल कर दी गई। इसका मायने ये है कि सीबीआइ आरोपितों को निचली अदालत में एक्सीडेंट साबित करने का मौका दे रही है। अदालत ने इस बात को भी लेकर कड़ी नाराजगी जताई कि शुरू से ही सीबीआई स्टीरियोटाइप रिपोर्ट अदालत में दाखिल कर रही है। और कोर्ट को अंधेरे में रख रही है।
अदालत ने सीबीआई से पूछा कि निगरानी का क्या मतलब होता है क्या सीबीआई इसे सिर्फ खानापूर्ति समझ रही है। क्योंकि अदालत इस मामले को बहुत गंभीरता से ले रही है इस घटना ने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर आकृष्ट कराया था और जुडिशल अधिकारियों का मनोबल गिरा है।
मामले की अगली सुनवाई 29 अक्टूबर को होगी, जिसमें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सीबीआई निदेशक को भी उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है। सनद रहें कि सीबीआई ने बहुचर्चित धनबाद के जिला एवं सत्र न्यायाधीश-8 उत्तम आनंद की संदिग्ध स्थिति में मौत के मामले में 20 अक्टूबर को दो अभियुक्तों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया है। इसके खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया गया है उनमें जज को धक्का मारने वाला ऑटो चालक लखन वर्मा और उसका साथी राहुल वर्मा का नाम शामिल हैं. फिलहाल दोनों न्यायिक हिरासत में धनबाद में जेल में बंद हैं।

