अपनों पर ही काल बना कलयुगी बेटा, पिता और पत्नी की मौके पर मौत, मासूम गंभीर

Manju
By Manju
4 Min Read

डिजिटल डेस्क। मिरर मीडिया : झारखंड के लोहरदगा जिले से एक रूह कंपा देने वाली वारदात सामने आई है, जहां पारिवारिक कलह में एक शख्स इस कदर हैवान बन गया कि उसने अपने ही हंसते-खेलते परिवार को उजाड़ दिया। भंडरा थाना क्षेत्र के सेंगरा टोली में सोमवार तड़के एक सनकी युवक ने कुल्हाड़ी से हमला कर अपने सगे पिता और पत्नी की बेरहमी से हत्या कर दी। इस खूनी खेल में उसने अपनी 3 साल की मासूम बेटी को भी नहीं बख्शा। ​इस वीभत्स घटना के बीच भंडरा थाना प्रभारी मनोज कुमार गुप्ता ने संवेदनशीलता की मिसाल पेश की। वे खून से लथपथ तड़प रही मासूम बच्ची के लिए देवदूत बनकर पहुंचे और उसे गोद में उठाकर अस्पताल की ओर दौड़ पड़े।

तड़के सुबह शुरू हुआ खूनी खेल
​ग्रामीणों के मुताबिक सोमवार की सुबह अचानक 35 वर्षीय संदीप उरांव के घर से चीख-पुकार मचने लगी। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, सनकी संदीप ने घर में रखी कुल्हाड़ी उठाई और अपने 60 वर्षीय पिता सुरेंद्र उरांव पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। बीच-बचाव करने आई पत्नी सुजाता उरांव (27 वर्ष) पर भी उसने बेरहमी से वार किए। दोनों की मौके पर ही तड़प-तड़प कर मौत हो गई। अंधाधुंध वार कर रहे संदीप की नजर जब अपनी 3 साल की मासूम बेटी रियांशी पर पड़ी, तो उसने उस पर भी कुल्हाड़ी चला दी।

थाना प्रभारी ने दिखाई तत्परता, गोद में लेकर भागे अस्पताल
​चीख-पुकार सुनकर जब तक ग्रामीण मौके पर पहुंचे, तब तक सुरेंद्र और सुजाता दम तोड़ चुके थे। वहीं मासूम रियांशी खून से लथपथ हालत में जमीन पर तड़प रही थी। घटना की सूचना मिलते ही भंडरा थाना प्रभारी मनोज कुमार गुप्ता दलबल के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। बच्ची की गंभीर हालत को देखते हुए थाना प्रभारी ने एम्बुलेंस का इंतजार करने के बजाय उसे तुरंत अपनी गोद में उठाया और अपनी गाड़ी से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भंडरा पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद बच्ची की नाजुक हालत को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर कर दिया गया है, जहां डॉक्टर उसकी जान बचाने में जुटे हैं।

आरोपी गिरफ्तार, गांव में पसरा सन्नाटा
​पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हत्यारे बेटे संदीप उरांव को मौके से ही गिरफ्तार कर लिया है। वारदात में इस्तेमाल की गई खून से सनी कुल्हाड़ी भी बरामद कर ली गई है।

पिछले कुछ दिनों से असामान्य था व्यवहार
​पुलिस की शुरुआती जांच में इस दोहरे हत्याकांड की वजह पारिवारिक विवाद बताई जा रही है। वहीं, ग्रामीणों का कहना है कि आरोपी संदीप का मानसिक व्यवहार पिछले कुछ दिनों से सामान्य नहीं था। फिलहाल पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया है और आरोपी से कड़ाई से पूछताछ की जा रही है। इस खौफनाक वारदात के बाद से पूरे सेंगरा टोली गांव में मातम और दहशत का माहौल है।

Share This Article