समाहरणालय में जनता की अदालत: दबंगई से लेकर पेंशन तक की शिकायतें, उप विकास आयुक्त ने दिए समयबद्ध कार्रवाई के सख्त निर्देश

Manju
By Manju
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डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर : जनता की समस्याओं के त्वरित निपटारे के लिए प्रशासन एक बार फिर एक्शन मोड में नजर आ रहा है। उपायुक्त राजीव रंजन के दिशा-निर्देश पर आज समाहरणालय में जन शिकायत निवारण दिवस का आयोजन किया गया। इस मौके पर जिले के कोने-कोने से पहुंचे फरियादियों ने अधिकारियों के सामने अपनी समस्याओं का पुलिंदा खोल दिया। सुनवाई की कमान संभाल रहे उप विकास आयुक्त नागेन्द्र पासवान ने एक-एक कर सभी नागरिकों की शिकायतें और सुझाव सुने।

दबंगई से लेकर रुकी हुई पेंशन तक… समस्याओं की लंबी फेहरिस्त
​जन शिकायत निवारण दिवस में इस बार न सिर्फ बुनियादी सुविधाओं बल्कि गंभीर व्यक्तिगत प्रताड़ना के मामले भी प्रमुखता से सामने आए।
दबंगई का खौफ: कुछ पीड़ितों ने दबंगों द्वारा उनके घरों पर जबरन तालाबंदी करने की शिकायत दर्ज कराई।
अधिकारियों की लापरवाही: वृद्धावस्था पेंशन और लंबित पेंशन भुगतान के कई मामले सामने आए, जिनमें बुजुर्गों को दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ रहे थे।
​जमीनी विवाद: दाखिल-खारिज और दुकान आवंटन में हो रही देरी की शिकायतें।
पंचायती राज की अनदेखी: ग्राम सभा के अधिकारों की अवहेलना और मानदेय भुगतान न होने का मुद्दा भी गूंजा।
बुनियादी ढांचा: शौचालय निर्माण में आ रही बाधाओं से जुड़े आवेदन भी सौंपे गए।

लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी–उप विकास आयुक्त की सख्त चेतावनी
​सभी मामलों को गंभीरता से लेते हुए उप विकास आयुक्त नागेन्द्र पासवान ने मौके पर ही संबंधित विभागीय पदाधिकारियों की क्लास लगाई। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि जन शिकायत निवारण दिवस का उद्देश्य सिर्फ आवेदन जमा करना नहीं, बल्कि आम जनता को त्वरित और प्रभावी न्याय देना है। DDC ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं कि शिकायतों के निष्पादन में किसी भी तरह की हीला-हवाली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अब देखना यह है कि प्रशासन के इस सख्त रुख के बाद धरातल पर आम जनता को कितनी जल्दी राहत मिलती है।

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