डिजिटल डेस्क।जमशेदपुर: अगर आपके मोबाइल पर भी कोई अनजान लिंक आता है, तो सावधान हो जाइए। एक छोटा सा क्लिक आपकी जमा-पूंजी साफ कर सकता है। ऐसा ही एक मामला सामने आया है जहां फर्जी लिंक के जरिए ₹3.08 लाख की ऑनलाइन ठगी करने वाले दो शातिर अपराधियों को बिस्टुपुर साइबर थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने ठगों के पास से मोबाइल, आधार, पैन कार्ड और कई बैंकिंग दस्तावेज बरामद किए हैं, जो साइबर अपराध के बड़े नेटवर्क का खुलासा करते हैं।
पटियाला के व्यक्ति को बनाया था शिकार
सिटी एसपी ललित मीणा ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि पंजाब के पटियाला निवासी एक पीड़ित ने नेशनल साइबर अपराध पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़ित के मुताबिक उनके पास एक फर्जी लिंक भेजा गया था, जिसपर क्लिक करते ही उनके बैंक खाते से 3,08,000 रुपये गायब हो गए। शिकायत दर्ज होने के बाद साइबर थाना में कांड संख्या 015/26 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी।
तकनीकी जांच में फंसे विकास और सोनू
पुलिस ने जब तकनीकी अनुसंधान और खुफिया इनपुट्स के आधार पर जाल बिछाया, तो दो संदिग्धों को हिरासत में लिया गया।
विकाश बारिक (20 वर्ष)
अजय कुमार नायक उर्फ सोनू नायक (31 वर्ष)
कड़ाई से पूछताछ करने पर दोनों ने अपना गुनाह कबूल कर लिया। उन्होंने पुलिस को बताया कि इस पूरे खेल में उनके साथ कृष्णा ओझा नाम का एक और सदस्य शामिल है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस फिलहाल जगह-जगह छापेमारी कर रही है।
कैसे करते थे ठगी?
जांच में यह बात सामने आई है कि यह गिरोह लोगों को झांसा देने के लिए लुभावने या डराने वाले फर्जी लिंक भेजता था। जैसे ही कोई उस लिंक को खोलता, ठग उनके मोबाइल और बैंक खातों का एक्सेस हासिल कर लेते थे। इसके बाद अवैध ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के जरिए पलक झपकते ही पूरी रकम उड़ा दी जाती थी।
क्या-क्या हुआ बरामद?
पुलिस ने आरोपियों के पास से स्मार्टफोन, एटीएम कार्ड, बैंकिंग आईडी, पैन कार्ड, आधार कार्ड और मोबाइल में सेव कई संदिग्ध ट्रांजेक्शन की लिस्ट जब्त की है।
पुलिस की सख्त कार्रवाई
पकड़े गए दोनों आरोपियों को पुलिस ने न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। इनके खिलाफ आईटी एक्ट और भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि फरार आरोपी को भी जल्द ही दबोच लिया जाएगा।

