Jamshedpur news : झारखंड में और कहीं न हो एजीएम जैसा हादसा, स्वास्थ्य मंत्री ने जर्जर भवनों की मांगी रिपोर्ट

Manju
By Manju
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डिजिटल डेस्क, जमशेदपुर : एमजीएम अस्पताल में प्रशासन की ओर से राहत कार्य तेजी से जारी है। सोमवार को भी प्लास्टर गिरने से एक नर्स बाल-बाल बची। वार्ड में छत ढहने और तीन मरीजों की मौत की घटना के बाद अब स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। ऐसी घटना दूसरे किसी अस्पताल में न हो, इसे लेकर स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने अस्पतालों की स्थिति की जानकारी मांगी है। रांची में मंत्री ने कहा कि अगले सप्ताह वे खुद पीड़ित परिवारों से मिलेंगे और मदद कराएंगे।

स्वास्थ्य मंत्री ने तीन दिनों के भीतर रिम्स सहित सभी मेडिकल कालेजों व सदर अस्पतालों के भवन की स्थिति की पूरी रिपोर्ट सिविल सर्जनों, निदेशकों, प्राचार्यों व अधीक्षकों को देने को कहा है। कौन सा भवन मरम्मत योग्य हैं और कौन जर्जर है, किसे ध्वस्त करना सही होगा, इसकी विस्तृत जानकारी देने को कहा है। अंसारी ने कहा है कि राज्य सरकार का हर अस्पताल सुरक्षित होगा, सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा। स्वास्थ्य व्यवस्था में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।

उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अब अगर रिम्स या किसी भी अस्पताल में किसी मरीज की मौत सुरक्षा कारणों से होती है तो उसकी पूरी जवाबदेही मेरी होगी। उन्होंने कहा कि भवनों की स्थिति की रिपोर्ट मिलते ही मरम्मत व निर्माण कार्य के लिए तुरंत आवश्यक राशि जारी की जाएगी। मंत्री ने कहा कि मरीजों की सुरक्षा सर्वोपरि है। किसी की जान से खिलवाड़ नहीं होने देंगे। एमजीएम जैसी घटना दोबारा न हो, इसे सुनिश्चित किया जाएगा। गौरतलब है कि राज्य सरकार की ओर से मृतकों के आश्रितों को पांच-पांच लाख रुपये तथा घायलों को 50-50 हजार रुपये सहायता राशि देने की घोषणा की है।

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