डिजिटल डेस्क। मिरर मीडिया :पश्चिम बंगाल में नई सरकार के गठन के साथ ही प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। पुलिस महकमे में व्यापक फेरबदल के ठीक दो दिन बाद सरकार ने अब ब्यूरोक्रेसी (नौकरशाही) के स्तर पर बड़ी सर्जरी की है। बुधवार को राज्य सरकार ने एक साथ 18 वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों का तबादला कर दिया, जिसके तहत 17 महत्वपूर्ण विभागों के सचिव बदल दिए गए हैं। राज्य के कार्मिक व प्रशासनिक सुधार विभाग द्वारा जारी अधिसूचना में हालांकि इसे एक नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया बताया गया है, लेकिन राजनैतिक हलकों में इसे नई सरकार के व्यापक पुनर्गठन और कड़े रुख के तौर पर देखा जा रहा है।
जानिए किस अधिकारी को मिली कौन सी नई जिम्मेदारी
इस बड़े फेरबदल में कई कद्दावर अधिकारियों के विभागों में बदलाव किया गया है और कुछ को अतिरिक्त जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
नंदिनी चक्रवर्ती: राज्य की पूर्व मुख्य सचिव और मुख्यमंत्री कार्यालय में विकास कार्यो की प्रधान समन्वयक रहीं नंदिनी चक्रवर्ती को अब विज्ञान, प्रौद्योगिकी और जैव प्रौद्योगिकी विभाग और आवास विभाग में अतिरिक्त मुख्य सचिव नियुक्त किया गया है।
जगदीश प्रसाद मीणा: महिला और बाल विकास विभाग के सचिव पद से हटाकर अब उन्हें खाद्य और आपूर्ति विभाग का नया सचिव बनाया गया है।
सौमित्र मोहन: राज्यपाल के सचिव सौमित्र मोहन के कंधों पर भरोसा जताते हुए उन्हें सूचना और संस्कृति विभाग के सचिव की अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है।
नीलम मीणा: हाल ही में राज्य की मुख्य निर्वाचन अधिकारी नियुक्त की गई नीलम मीणा को अब पर्यावरण विभाग के प्रधान सचिव का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
रविइंदर सिंह: स्वयं सहायता समूह और स्वरोजगार विभाग के सचिव को अब परिवहन विभाग के सचिव की अहम जिम्मेदारी मिली है।
मौमिता गोदारा: स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग की सचिव को अब महिला व बाल विकास तथा समाज कल्याण विभाग का सचिव नियुक्त किया गया है।
आर. विमला: डब्ल्यूबीएसआइडीस की प्रबंध निदेशक को उत्तर बंगाल विकास विभाग का सचिव बनाया गया है।
मुक्ता आर्य: उद्योग व वाणिज्य विभाग की सचिव को अब सुंदरबन मामलों के विभाग की जिम्मेदारी दी गई है।
राजेश कुमार सिन्हा: आवास विभाग सहित कई विभागों में प्रधान सचिव का जिम्मा संभाल रहे सिन्हा को अब सिंचाई एवं जलमार्ग विभाग का सचिव नियुक्त किया गया है।
दो दिन पहले पुलिस महकमे में हुआ था महातबादला
गौरतलब है कि बंगाल सरकार इस समय पूरी तरह से एक्शन मोड में नजर आ रही है। इस प्रशासनिक फेरबदल से ठीक दो दिन पहले यानी सोमवार 8 जून को राज्य सरकार ने पुलिस महकमे में अब तक का सबसे बड़ा फेरबदल किया था, जिसमें 179 आईपीएस और डब्ल्यूबीपीएस अधिकारियों का तबादला किया गया था।
विशेषज्ञों का मानना है कि चुनाव के बाद नवगठित सरकार अब कानून-व्यवस्था से लेकर प्रशासनिक काम-काज में तेजी लाने के लिए अपने हिसाब से नई टीम सेट कर रही है, ताकि विकास कार्यो को रफ्तार दी जा सके।

