डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर: लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते जमशेदपुर पर एक बार फिर बाढ़ का संकट गहराने लगा है। चांडिल डैम का जलस्तर नियंत्रित करने के लिए उसके 8 रेडियल गेट खोल दिए गए। डैम से भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के बाद स्वर्णरेखा नदी उफान पर है, जिससे शहर के निचले और तटीय इलाकों में पानी भरने की गंभीर आशंका पैदा हो गई है।
हालात की गंभीरता को देखते हुए पूर्वी सिंहभूम जिला प्रशासन पूरी तरह हरकत में आ गया है। नदी किनारे बसे लोगों के लिए हाई अलर्ट जारी किया गया है, वही किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए NDRF और आपदा प्रबंधन विभाग की टीमों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
इन इलाकों पर सबसे ज्यादा संकट
स्वर्णरेखा के लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण अगर नदी खतरे के निशान को पार करती है, तो शहर की कई रिहाइशी बस्तियां जलमग्न हो सकती हैं। प्रशासन ने विशेष रूप से मानगो और भुइयांडीह, कल्याण नगर और शिव घाट, बागबेड़ा और शास्त्रीनगर कदमा, जुगसलाई और सोनारी को संवेदनशील घोषित किया है।
अगले 4 दिन भारी, मौसम विभाग का ‘येलो अलर्ट’
मौसम केंद्र के अनुसार शहर में मानसून पूरी तरह से मेहरबान है और पिछले 24 घंटों के दौरान 31 मिमी बारिश रिकॉर्ड की जा चुकी है। मौसम विभाग ने 28 से 31 जुलाई के लिए जिले में ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है। इस दौरान तेज आंधी-तूफान के साथ मूसलाधार बारिश का अनुमान जताया गया है। अगर अगले चार दिनों तक बारिश का यह दौर यूं ही जारी रहता है, तो स्वर्णरेखा और खरकई दोनों नदियों का विकराल रूप शहरवासियों के लिए बड़ी मुसीबत खड़ी कर सकता है।
प्रशासन की अपील: आपदा प्रबंधन टीम ने नागरिकों से अपील की है कि वे नदियों और उफनते नालों के आसपास जाने से बचें। बिना किसी जरूरी काम के घरों से बाहर न निकलें और सतर्क रहें।

