संसद के मानसून सत्र के दौरान सोमवार को केंद्र सरकार ने लोकसभा में पब्लिक एग्जामिनेशंस (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) संशोधन विधेयक, 2026 यानी एंटी पेपर लीक बिल पेश किया। सरकार का कहना है कि इस कानून का उद्देश्य प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक और संगठित परीक्षा माफिया पर कड़ी कार्रवाई करना है।
विधेयक के अनुसार पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ी करने वाले संगठित गिरोहों पर सख्त कार्रवाई का प्रावधान किया गया है। प्रस्तावित संशोधनों में दोषियों को 10 साल तक की जेल और 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान शामिल है। साथ ही जांच को तय समय सीमा में पूरा करने और मामलों के त्वरित निपटारे के लिए विशेष अदालतों की व्यवस्था का भी प्रस्ताव है।
उधर विपक्ष ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए हालिया NEET पेपर लीक मामले और प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर दोनों सदनों में जोरदार विरोध दर्ज कराया। विपक्ष ने इस विषय पर विस्तृत चर्चा, जवाबदेही तय करने और सरकार से स्पष्टीकरण की मांग की।
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सभी दलों से बिल पर सार्थक चर्चा में भाग लेने की अपील की है। सरकार का कहना है कि यह कानून सार्वजनिक परीक्षाओं की विश्वसनीयता बहाल करने और युवाओं के भविष्य की रक्षा के लिए लाया गया है।

