धनबाद: झारखंड के धनबाद में बाल मजदूरी के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई की गई है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डालसा) और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने झरिया क्षेत्र से तीन बाल मजदूरों को मुक्त कराया है।
यह कार्रवाई झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (झालसा) के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष डालसा निकेश कुमार सिन्हा के मार्गदर्शन और सचिव मयंक तुषार टोपनो के आदेश पर जिले को बाल मजदूरी मुक्त बनाने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है।
झरिया की दुकानों में कराई जा रही थी बाल मजदूरी
टीम को सूचना मिली थी कि झरिया स्थित बोरा पट्टी की दुकानों में बच्चों से मजदूरी कराई जा रही है। सूचना मिलते ही डालसा, श्रम विभाग और चाइल्ड प्रोटेक्शन यूनिट की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची और तीनों बच्चों को रेस्क्यू किया।
कार्रवाई के दौरान संबंधित दुकानदारों के खिलाफ बाल मजदूरी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बाल मजदूरी कराना कानूनन अपराध है और इसके खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
सीडब्ल्यूसी को सौंपे गए बच्चे, आगे की प्रक्रिया शुरू
रेस्क्यू किए गए बच्चों को तत्काल देखभाल और सुरक्षा के लिए बाल कल्याण समिति (CWC) धनबाद को सौंप दिया गया है, जहां उनकी काउंसलिंग और पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
इस अभियान में श्रम अधीक्षक प्रवीण कुमार, रोहित कुमार तिवारी, पंकज कुमार, अमन कुमार तथा डालसा की ओर से सीता कुमारी सहित अन्य अधिकारी शामिल रहे।
प्रशासन ने साफ किया है कि जिले को बाल मजदूरी मुक्त बनाने के लिए ऐसे अभियान आगे भी जारी रहेंगे और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

