डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर: भारतीय ऑटो दिग्गज टाटा मोटर्स एक बार फिर वैश्विक बाजार में अपनी धाक जमाने के लिए तैयार है। साल 2008 में जगुआर लैंड रोवर को खरीदकर दुनिया को चौंकाने वाली टाटा मोटर्स अब इटली की दिग्गज कमर्शियल व्हीकल कंपनी इवेको के ट्रक और बस कारोबार को खरीदने के अंतिम चरण में है। यह सौदा करीब 41,800 करोड़ रुपये (3.8 अरब यूरो) का बताया जा रहा है, जिसे टाटा मोटर्स का अब तक का दूसरा सबसे बड़ा विदेशी अधिग्रहण माना जा रहा है।
डील की 5 बड़ी बातें
100% हिस्सेदारी पर कब्जा: टाटा मोटर्स इवेको के ट्रक, बस, इंजन और फाइनेंशियल सर्विस विभाग का पूरी तरह से अधिग्रहण करेगी। टाटा ने अपनी सिंगापुर स्थित कंपनी के जरिए 20,900 करोड़ रुपये की कॉर्पोरेट गारंटी दी है। सौदे के लिए नीदरलैंड में ‘टीएमएल सीवी होल्डिंग्स’ नामक नई इकाई बनाई गई है, जो ब्रिज लोन (अस्थायी कर्ज) के जरिए फंड जुटाएगी। इस महा-सौदे के अप्रैल-जून 2026 (वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही) तक पूरा होने की प्रबल संभावना है। रणनीतिक कारणों से इवेको के रक्षा कारोबार को इस सौदे से फिलहाल बाहर रखा गया है।
क्यों खास है यह सौदा?
टाटा मोटर्स इस अधिग्रहण के जरिए दुनिया भर के कमर्शियल व्हीकल बाजार में अपनी बादशाहत कायम करना चाहती है। जेएलआर की तर्ज पर ही इस बार भी सिंगापुर और नीदरलैंड के जरिए निवेश का रूट तैयार किया गया है। जानकारों का मानना है कि यूरोपीय तकनीक और इवेको के ग्लोबल नेटवर्क तक पहुंच मिलने से टाटा मोटर्स को वैश्विक स्तर पर बड़ी बढ़त मिलेगी।
मंजूरी का इंतजार
फिलहाल इटली सरकार और यूरोपीय सेंट्रल बैंक से विदेशी निवेश की अनुमति मिलना बाकी है। हालांकि भारत सरकार की अनुमति की जरूरत नहीं है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय मंजूरियों में हो रही देरी की वजह से इवेको की आगामी ‘विशेष आम बैठक’ को थोड़ा आगे बढ़ा दिया गया है।

