धनबाद से बड़ी खबर सामने आई है, जहां CCTV यानी “तीसरी आंख” की मदद से रेल यात्रियों को निशाना बनाने वाले संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया गया है। “ऑपरेशन यात्री सुरक्षा” के तहत रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और GRP की संयुक्त कार्रवाई में पांच शातिर चोरों को गिरफ्तार किया गया।
क्या है पूरा मामला?
23 अप्रैल 2026 को गाड़ी संख्या 15028 (मौर्या एक्सप्रेस) के S-3 कोच में यात्रा कर रही एक महिला यात्री के गले से चेन झपट ली गई। सूचना मिलते ही धनबाद स्टेशन के CCTV फुटेज खंगाले गए, जिसमें तीन संदिग्ध प्लेटफॉर्म और ओवरब्रिज पर घूमते दिखे।
कैसे पकड़ा गया गिरोह?
24 अप्रैल को वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में RPF, CIB और GRP धनबाद की संयुक्त टीम ने मुखबिर की सूचना और CCTV के आधार पर प्लेटफॉर्म नंबर 8 के कतरास छोर पर घेराबंदी की। यहां पांच संदिग्धों को दबोच लिया गया।
बरामदगी में क्या-क्या मिला?
गिरफ्तार आरोपियों के पास से कई चोरी के मोबाइल फोन और नकद रकम बरामद हुई, जिनकी कुल कीमत लगभग ₹1.10 लाख बताई जा रही है।
Realme, Infinix और iPhone जैसे मोबाइल
कुल ₹4000 से अधिक नकद
हालांकि, महिला यात्री की चेन अभी बरामद नहीं हो सकी है।
कौन हैं गिरफ्तार आरोपी?
पकड़े गए सभी आरोपी धनबाद क्षेत्र के रहने वाले हैं, जिनमें सुबोध पाठक, मनीष कुमार, राज कुमार डोम, आकाश कुमार और कृष्णा कुमार उर्फ सुमित हाड़ी शामिल हैं।
कानूनी कार्रवाई
GRP धनबाद में मामला दर्ज कर लिया गया है (कांड संख्या 94/26) और जांच की जिम्मेदारी एसआई मिलन कुमार पासवान को सौंपी गई है।
पहली बार अपराध में नाम आया सामने
ICJS जांच में सभी आरोपियों का कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड नहीं मिला है, लेकिन पुलिस अब इनके पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुट गई है।
संदेश साफ है:
रेलवे अब पूरी तरह अलर्ट है—CCTV की नजर से बचना अब आसान नहीं। यात्रियों की सुरक्षा के लिए “ऑपरेशन यात्री सुरक्षा” लगातार जारी है।

