डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर : लौहनगरी को दहलाने और कारोबारियों से जबरन वसूली (रंगदारी) वसूलने का एक बड़ा मंसूबा नाकाम हो गया है। मानगो के उलीडीह थाना पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए एक शातिर अपराधी को अवैध हथियारों के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। पकड़ा गया आरोपी विश्वजीत सिंह उर्फ रॉकी (33) है, जो इलाके में खौफ का नया साम्राज्य खड़ा करने की फिराक में था। पुलिस ने उसके पास से एक देसी पिस्तौल और तीन जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। आरोपी को कोर्ट में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
आधी रात को छठ घाट पर घेराबंदी, ऐसे फंसा रॉकी
मामले का खुलासा करते हुए सिटी एसपी ललित मीणा ने बताया कि पुलिस को देर रात एक गुप्त सूचना मिली थी। सूचना के मुताबिक उलीडीह ओपी क्षेत्र के लक्ष्मण नगर छठ घाट के पास एक संदिग्ध युवक हथियार लहराते हुए घूम रहा है और किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के चक्कर में है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने बिना वक्त गंवाए इलाके की घेराबंदी की। पुलिस को देखकर आरोपी ने भागने की कोशिश की, लेकिन मुस्तैद जवानों ने उसे चारों तरफ से घेरकर दबोच लिया। तलाशी लेने पर उसके पास से लोडेड पिस्तौल बरामद हुई।
पुलिसिया पूछताछ में आरोपी विश्वजीत उर्फ रॉकी ने जो खुलासे किए, वो चौंकाने वाले हैं। उसने कबूल किया कि वह यह हथियार बिहार के बक्सर जिले से महज 30 हजार रुपये में खरीदकर जमशेदपुर लाया था। उसका मकसद शहर के कारोबारियों और ठेकेदारों में खौफ पैदा करना, उनसे मोटी रंगदारी वसूलना और इलाके में अपना एकतरफा वर्चस्व कायम करना था। अगर समय रहते पुलिस उसे नहीं दबोचती, तो शहर में रंगदारी के लिए किसी कारोबारी पर जानलेवा हमला या गोलीबारी तय थी।
पुराना है आपराधिक इतिहास, अब ‘सिंडिकेट’ पर नजर
पुलिस के मुताबिक, रॉकी कोई नौसिखिया नहीं बल्कि पुराना हिस्ट्रीशीटर है। उसके खिलाफ पहले भी एमजीएम थाना समेत शहर के अन्य थानों में आर्म्स एक्ट और मारपीट के संगीन मामले दर्ज हैं। सिटी एसपी ने बताया कि पुलिस अब इस मामले के बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज खंगाल रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि बक्सर में वह किसके संपर्क में था और जमशेदपुर में इस अवैध हथियार नेटवर्क और रंगदारी के सिंडिकेट में उसके साथ और कौन-कौन से सफेदपोश या अपराधी शामिल हैं। जल्द ही कुछ और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

