बिहार के सरकारी स्कूलों के समय और कार्यदिवस को लेकर पिछले कई महीनों से जारी विवाद अब खत्म होने की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा है। सम्राट सरकार ने छात्रों और शिक्षकों की लगातार उठ रही मांगों को ध्यान में रखते हुए बड़ा फैसला लेने की तैयारी कर ली है। राज्य सरकार ने स्कूली बच्चों और शिक्षकों के हित में बड़ा कदम उठाते हुए शनिवार को आधे दिन यानी ‘हाफ डे’ के कार्यदिवस वाली पुरानी व्यवस्था फिर से बहाल करने का निर्णय लिया है।
प्रस्ताव पर अंतिम सहमति
सूत्रों के अनुसार, नए निर्णय के के तहत अब बिहार के सभी सरकारी स्कूलों में शनिवार को ‘हाफ डे’ की पढ़ाई होगीय़ बताया जा रहा है कि शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विस्तृत बैठक और नए शेड्यूल की गहन समीक्षा के बाद इस प्रस्ताव पर अंतिम सहमति बन गई है। कहा जा रहा है कि खुद शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी इसको लेकर घोषणा करेंगे।
31 मई तक शिक्षा विभाग जारी कर देगा आदेश
बताया जा रहा है कि 31 मई 2026 तक बिहार शिक्षा विभाग इसको लेकर आदेश जारी कर देगा। माना जा रहा है कि गर्मी की छुट्टियों के बाद जब स्कूल खुलेंगे तब छात्र-छात्राओं के साथ शिक्षकों को भी ये व्यवस्था देखने को मिलेगा। पहले बिहार के स्कूलों में यही सिस्टम था, लेकिन इसे बाद में बदल दिया गया था और हफ्ते के 6 दिन (शनिवार मिलाकर) सभी पालियों में पढ़ाई कराई जाने लगी थी।
करोड़ों छात्रों और 6 लाख से ज्यादा टीचरों को राहत
सरकार के इस फैसले के बाद राज्य के 6.45 लाख से ज्यादा शिक्षकों और करोड़ों छात्रों को बड़ी राहत मिलेगी। शनिवार को हाफ डे रहने से शिक्षकों को भी घर पर अपने बच्चों को ज्यादा समय देने का मौका मिलेगा, वहीं बच्चों को भी पढ़ाई के ज्यादा बोझ से राहत मिलेगी। खासकर मई महीने की इस भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों के बीच पूरे दिन स्कूल संचालन से बच्चों के स्वास्थ्य पर भी बुरा असर पड़ रहा था। इस नई व्यवस्था के लागू होने से न केवल प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों के करोड़ों छात्र-छात्राओं को राहत मिलेगी, बल्कि मानसिक तनाव से जूझ रहे शिक्षकों को भी वीकेंड पर अपने जरूरी कार्यों को निपटाने का समय मिल सकेगा।

