टाटा स्टील को बड़ी कानूनी जीत: ओडिशा हाईकोर्ट ने रद्द किया 4313 करोड़ का डिमांड नोटिस

Manju
By Manju
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डिजिटल डेस्क।जमशेदपुर : टाटा स्टील लिमिटेड के लिए राहत भरी खबर आई है। ओडिशा हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के खनन विभाग द्वारा कंपनी को जारी किए गए 4,313.61 करोड़ के दो भारी-भरकम डिमांड नोटिस को खारिज कर दिया है। अदालत का यह फैसला कंपनी के लिए एक बड़ी वित्तीय और कानूनी जीत माना जा रहा है।

क्या था पूरा मामला?
​ओडिशा सरकार के उप-खनिज निदेशक कार्यालय (जाजपुर) ने सुकिंडा क्रोमाइट ब्लॉक से खनिजों के प्रेषण में कमी का हवाला देते हुए दो अलग-अलग नोटिस जारी किए थे।
​जुलाई 2025: पहला नोटिस ₹1,902.72 करोड़ का था।
​अक्टूबर 2025: दूसरा नोटिस ₹2,410.89 करोड़ का था।
​इन दोनों नोटिसों को टाटा स्टील ने अलग-अलग रिट याचिकाओं के माध्यम से हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।

हाईकोर्ट का कड़ा रुख: नियमों को पिछली तारीख से लागू नहीं कर सकते
​मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने स्पष्ट किया कि दंडात्मक प्रावधानों को पूर्वव्यापी रूप से लागू नहीं किया जा सकता। अदालत ने फरवरी 2026 में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था, जिसे 20 अप्रैल को सुनाया गया। कंपनी को इस आदेश की कॉपी 27 अप्रैल को प्राप्त हुई। कोर्ट के इस आदेश के बाद अब टाटा स्टील को करोड़ों रुपये के इस कथित बकाये से मुक्ति मिल गई है।

टाटा स्टील का पक्ष
​कंपनी ने एक बयान में कहा कि अदालत ने खनन विभाग के उन निष्कर्षों को रद्द कर दिया है जो कानूनी रूप से टिकाऊ नहीं थे। इस फैसले से कंपनी को लंबे समय से चल रहे खनन डिस्पैच विवाद में बड़ी राहत मिली है। इससे पहले भी 2025 में अदालत ने कंपनी को विभाग की जबरन कार्रवाई से अंतरिम सुरक्षा प्रदान की थी।

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