सावधान! सुवर्णरेखा में घुल रहा है जहर, आपकी सेहत बचाने के लिए खोला जाएगा चांडिल डैम का पानी

Manju
By Manju
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डिजिटल डेस्क।जमशेदपुर : मानगो नगर निगम क्षेत्र में रहने वाले करीब 28 हजार परिवारों के लिए राहत भरी खबर है। नदी में गिरते जलस्तर और बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए जिला प्रशासन ने एक बड़ा फैसला लिया है। अब सुवर्णरेखा नदी के अस्तित्व और लोगों की सेहत को बचाने के लिए चांडिल डैम से पानी छोड़ा जाएगा।

संकट में 28 हजार परिवार: क्यों लिया गया यह फैसला?
​भीषण गर्मी के कारण सुवर्णरेखा नदी का जलस्तर खतरनाक रूप से नीचे गिर गया है। इसका सीधा असर मानगो पेयजल आपूर्ति योजना पर पड़ रहा था। डीसी राजीव रंजन के निर्देश के बाद पीएचईडी ने चांडिल डैम प्रशासन से पानी छोड़ने का अनुरोध किया है।

इस कदम के पीछे मुख्य उद्देश्य
​निर्बाध जलापूर्ति: गर्मी में इंटेकवेल के पास पानी की कमी को दूर करना।
​प्रदूषण नियंत्रण: नदी में बढ़ते जहर (प्रदूषण) के प्रभाव को कम करना।

आखिर क्यों जरूरी है डैम से पानी?
​प्रशासन और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने नदी की वर्तमान स्थिति पर तीन बड़ी चिंताएं जताई हैं।
​जलस्तर में गिरावट: गर्मी के कारण इंटेकवेल के पास पानी का लेवल मानक से काफी नीचे चला गया है, जिससे पंपिंग में समस्या आ रही है।
​बीमारियों का खतरा: पानी कम होने से नदी में गंदगी का जमाव बढ़ गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि प्रदूषित पानी की सप्लाई से मानगो की बड़ी आबादी में चर्म रोग और पेट संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।
​रुका हुआ बहाव: नदी का बहाव थमने से नौ बड़े नालों का गंदा पानी एक ही जगह जमा हो रहा है, जो संक्रमण का केंद्र बन रहा है।

नदी में घुला जहर, गिर रहा है ऑक्सीजन लेवल
​पीएचईडी के कार्यपालक अभियंता सुमित कुमार ने चांडिल बांध प्रमंडल को लिखे पत्र में स्पष्ट किया है कि बिना ट्रीटमेंट के नदी में गिर रहे 9 बड़े नालों और औद्योगिक कचरे ने पानी की गुणवत्ता को खराब कर दिया है। नदी में घुलित ऑक्सीजन का स्तर लगातार गिर रहा है, जो सीधे तौर पर लोगों की सेहत से खिलवाड़ है। विभाग ने नदी के विभिन्न घाटों से पानी के नमूने लेकर राज्य प्रयोगशाला भेज दिए हैं। रिपोर्ट आने के बाद यह साफ होगा कि पानी कितना जहरीला हो चुका है।

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