डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर :जमशेदपुर की दो सबसे बड़ी दिग्गज कंपनियों, टाटा मोटर्स और टाटा स्टील से कर्मचारियों के हित और कामकाज को लेकर बड़ी खबरें सामने आ रही हैं। एक तरफ जहां टाटा मोटर्स ने व्यावसायिक आवश्यकताओं को देखते हुए क्षतिपूर्ति अवकाश और आगामी ब्लॉक क्लोजर को लेकर नया आदेश जारी किया है, वहीं दूसरी तरफ टाटा स्टील में कर्मचारियों के वेतन संशोधन को लेकर आज एक महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है।
2 से 4 जून तक ब्लॉक क्लोजर, छुट्टियों को लेकर सख्त निर्देश
टाटा मोटर्स प्रबंधन ने मौजूदा कमर्शियल और बिजनेस जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अपने कर्मचारियों के लिए कुछ विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
31 मई तक लेना होगा अवकाश: कंपनी ने आदेश दिया है कि जो कर्मचारी 29 और 30 मई को काम पर बुलाए गए हैं, वे आगामी 31 मई तक अपना क्षतिपूर्ति अवकाश अनिवार्य रूप से ले लें। इसी तरह 1 जून 2026 को काम पर आने वाले कर्मचारियों को 30 जून तक अपना यह अवकाश लेना होगा।
फाउंड्री डिवीजन के लिए अलग नियम: कंपनी ने साफ किया है कि फाउंड्री डिवीजन के लिए 29 और 30 मई सामान्य कार्य दिवस रहेंगे, क्योंकि वहां कोई क्षतिपूर्ति अवकाश देय नहीं है। 31 मई रविवार को सामान्य साप्ताहिक अवकाश रहेगा।
2 से 4 जून तक ‘ब्लॉक क्लोजर’: टाटा मोटर्स के जमशेदपुर प्लांट में 2 जून से 4 जून 2026 तक ब्लॉक क्लोजर लागू करने का निर्णय लिया गया है।
सैलरी और छुट्टियों का गणित: ब्लॉक क्लोजर से प्रभावित होने वाले सैलरीड (व कर्मचारी इस अवधि के दौरान 50 प्रतिशत समय के लिए पीएल या सीएल का लाभ ले सकेंगे। शेष आधे समय के लिए उन्हें कंपनी की ओर से सामान्य वेतन दिया जाएगा। जिन कर्मचारियों को इस दौरान काम पर बुलाया जाएगा, उनके लिए यह सामान्य कार्य दिवस माना जाएगा।
वेज रिवीजन (वेतन संशोधन) पर आज अहम वार्ता
टाटा स्टील के कर्मचारियों के लिए भी आज का दिन बेहद महत्वपूर्ण है।अधिकारियों के छुट्टी से वापस लौटने के बाद आज से वेतन संशोधन समझौते को लेकर बातचीत का सिलसिला दोबारा शुरू हो रहा है।
3 फीसदी बढ़ोतरी और सीलिंग का पेंच: मैनेजमेंट ने पिछली बैठक में प्रस्ताव दिया था कि कंपनी में करीब 5 हजार कर्मचारी पुरानी ग्रेड (ओएस ग्रेड) के हैं। सीलिंग के बावजूद उनकी वेज कॉस्ट (वेतन लागत) ज्यादा आ रही है। ऐसे में मैनेजमेंट का प्रस्ताव है कि 3 फीसदी की बढ़ोतरी के बाद सैलरी पर एक और सीलिंग लगा दी जाए।
टाटा वर्कर्स यूनियन की मांग: हालांकि इस वार्ता में 5 साल के समझौते, एमजीबी और डीए में बढ़ोतरी जैसे बड़े मुद्दे शामिल हैं। इसी सिलसिले में 29 मई को टाटा वर्कर्स यूनियन की एक अहम कमेटी मीटिंग बुलाई गई है, जिसमें कमेटी मेंबर्स कर्मचारियों के हक में अपनी आवाज मजबूती से उठाएंगे।
कन्वॉई चालकों का आंदोलन: दूसरे दिन भी चेसिस बुकिंग ठप
टाटा मोटर्स से जुड़ी एक और बड़ी अपडेट यह है कि कन्वॉई चालकों का आंदोलन लगातार दूसरे दिन भी जारी रहा, जिससे चेसिस की बुकिंग पूरी तरह बंद रही।
क्यों अड़े हैं चालक? ‘ऑल इंडिया कन्वॉई वर्कर्स यूनियन’ के महासचिव जयनारायण सिंह के मुताबिक चालक अपने लंबे समय से लंबित वेतन समझौते और ग्रेड को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। चालकों का ग्रेड पिछले 14 महीनों से लंबित है। हालांकि प्रबंधन के साथ कई दौर की बातचीत हो चुकी है, लेकिन वेतन राशि में बढ़ोतरी को लेकर अब तक कोई सहमति नहीं बन पाई है। प्रबंधन की ओर से लिखित आश्वासन मिलने के बावजूद मांगें पूरी न होने से चालकों में नाराजगी है।

