बड़ी खबर – राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने छात्रा आत्महत्या मामले में कहा BDO ने हमको पीड़ित परिवार से मिलने से रोका और झूठ बोला : पुलिसिया जांच पर उठाए सवाल : कहा बग़ैर मान्यता के चलाया जा रहा है स्कूल, पढ़े पूरी खबर….

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मिरर मीडिया : बिंदी लगाकर स्कूल आने से टीचर द्वारा प्रताड़ित और अपमानित किये जाने पर तेतुलमारी में नाबालिग छात्रा के आत्महत्या मामले में शनिवार को राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग और राज्य बाल संरक्षण आयोग की प्रतिनिधिमंडल पीड़िता के घर पहुंची।

इस बाबत राज्य बाल संरक्षण आयोग की प्रतिनिधिमंडल ने घरवालों के बयान भी दर्ज लिए गए जबकि बिंदुओं पर जांच भी की और जांच में आयोग की टीम को पुलिस द्वारा किए गए जांच में कई गड़बड़ियां मिली। जिसपर आयोग द्वारा सवाल किए जाने पर संतोषजनक जवाब पुलिस प्रशासन द्वारा नहीं दिया गया।

वहीं परिषदन भवन में प्रेस वार्ता के दौरान राज्य बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष ने बताया की तेतुलमारी में एक नाबालिग बच्ची ने आत्महत्या कर ली थी। उसी के जांच के लिए आयोग बच्ची के घर गई। बच्ची के घरवालों से लेकर उसकी एक क्लासमेट से भी बयान लिया गया। प्रथम दृष्टया में यही लग रहा है की स्कूल प्रबंधन द्वारा कई दिनों से फीस को लेकर बच्ची को परेशान किया जा रहा था।

आत्महत्या का कारण सिर्फ बिंदी वाली घटना नहीं है। अगर बात करें पुलिस प्रशासन के द्वारा किए गए जांच की तो उसमें भी गड़बड़ियां है। साक्ष्य को अच्छे तरीके से नहीं जुटाया गया है और न ही संरक्षित किया गया है। आयोग इन सभी बातों का रिपोर्ट बनाके उपायुक्त और अन्य उच्च अधिकारियों से साझा करेगा। जहां तक बात है उस विद्यालय में पढ़ रहें सभी बच्चों का तो उसके लिए शिक्षा विभाग को जिम्मेवारी निभानी होगी। आयोग भी उस दिशा में हर संभव प्रयास करेगा।

वहीं राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग के चेयरपर्सन प्रियंक कानूनगो ने ट्वीट कर इस मामले में कई तथ्यों को उजागर किया है। जिसके अनुसार उक्त स्कूल बग़ैर मान्यता के चलाया जा रहा है। पुलिस की जांच में लापरवाही सहित कई अनियमितता को बताया है। ट्वीट के अनुसार

बिंदी लगाने पर स्कूल में प्रताड़ित किए जाने से आहत हो कर बालिका द्वारा आत्महत्या किए जाने के मामले की जाँच के लिये आज झारखंड के धनबाद ज़िले के कतरास क्षेत्र का दौरा कर बच्ची की माँ व परिजनों तथा सरकारी अधिकारियों से बातचीत कर तथ्य एकत्रित किए जिसमें निम्न गम्भीर बिंदु प्रकाश में आए हैं।


👉🏻 उक्त स्कूल बग़ैर मान्यता के चलाया जा रहा है।
👉🏻पुलिस ने जाँच में अनेक लापरवाहियां की हैं व आरोपियों का पुलिस रिमांड तक नहीं माँगा जबकि अभी तक स्कूल में जा कर जाँच ही नहीं की गयी है।
👉🏻BDO ने हमको पीड़ित परिवार से मिलने से रोकने के लिए झूठ कहा कि परिजन गाँव चले गए हैं ।
👉🏻पीड़ित अनुसूचित जाति की बालिका थी तत्संबंध में धारायें FIR में नहीं है।

विधिसम्मत कार्यवाही हेतु निर्देश दिए गए हैं।
दौरे में राज्य बाल आयोग की अध्यक्ष श्रीमती काजल यादव व सदस्य श्री सुनील कुमार साथ रहे।

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