बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद नई विधानसभा की तस्वीर अब साफ हो गई है। बिहार में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) ने 243 सदस्यीय विधानसभा में 202 सीट जीतकर सत्ता बरकरार रखी। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की प्रचंड जीत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उसके दो प्रमुख घटक दलों (भाजपा और जदयू) ने लगभग 85 प्रतिशत की स्ट्राइक रेट से जीत हासिल की। इस बीच बिहार विधानसभा को लेकर चौंकाने वाला आंकड़ा सामने आया है।

नवनिर्वाचित विधायकों में 12 प्रतिशत महिलाएं
विचारक संस्था ‘पीआरएस लेजिस्लेटिव रिसर्च’ की एक रिपोर्ट के अनुसार बिहार में नवनिर्वाचित विधायकों में से लगभग 12 प्रतिशत महिलाएं हैं और पिछले चुनावों की तुलना में इसमें मामूली वृद्धि हुई है। 243 सदस्यों वाली बिहार विधानसभा में इस बार 29 महिला विधायक चुनी गई हैं। पिछली बार 26 महिलाएं जीती थीं। यानी इस बार तीन महिला विधायक ज़्यादा पहुंची हैं।
29 में से 15 महिला विधायक कॉलेज तक नहीं पहुंची
दिलचस्प बात ये है कि 29 में से 15 महिला विधायक ऐसी हैं जिनकी पढ़ाई कॉलेज तक नहीं पहुंची। 29 महिलाओं में से 13 की उम्र 25 से 39 साल के बीच है और नौ की उम्र 40 से 54 साल के बीच है।
32% विधायक ग्रेजुएट
नयी विधानसभा में लगभग 40 प्रतिशत सदस्यों के पास कॉलेज की डिग्री नहीं है। वहीं लगभग 32% विधायक ग्रेजुएट हैं। जबकि पिछली विधानसभा में यह संख्या 40% थी। पोस्ट-ग्रेजुएट विधायकों की संख्या बढ़कर 28% हो गई है
55 वर्ष से अधिक आयु के विधायकों की संख्या बढ़ी
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि बिहार विधानसभा चुनाव के बाद 55 वर्ष से अधिक आयु के विधायकों की संख्या में वृद्धि हुई है। विधानसभा में 55 वर्ष या उससे अधिक आयु के विधायकों का प्रतिशत 2015 में 34 प्रतिशत से बढ़कर 2020 में 40 प्रतिशत और 2025 में 46 प्रतिशत हो गया।

