Bihar: गोपालगंज में बड़ा गोलमाल : चायवाले के पास से मिले 1 करोड़ कैश, छापा मारने पहुंची पुलिस रह गई दंग

Neelam
By Neelam
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बिहार में चुनावी सरगर्मी जोरों पर हैं। इस बीच राज्य गोपालगंज में पुलिस ने साइबर फ़्रॉड के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए चाय दुकानदार के घर पर छापेमारी हुई। जिसमें एक करोड़ पांच लाख 49 हजार 850 रुपए कैश और 344 ग्राम सोना व 1.75 किलो चांदी जब्त की गई। साथ ही बड़ी संख्या में एटीएम कार्ड और साइबर फ्रॉड से जुड़े दस्तावेज बरामद हुए है।

चाय की दुकान से साइबर ठगी तक

ये कार्रवाई थावे थाना क्षेत्र के कविलासपुर गांव में हुई। इस अभियान का नेतृत्व साइबर डीएसपी अवंतिका दिलीप कुमार ने किया। डीएसपी अवंतिका दिलीप कुमार ने बताया कि जिस व्यक्ति के घर छापेमारी की गई, वह पहले चाय की दुकान चलाता था। उसके बाद वह दुबई चला गया था, जहां से वह इस नेटवर्क को संचालित करने लगा। वहीं उसका भाई आदित्य गांव में रहकर इस कार्य में उसका सहयोग करता था। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह गिरोह साइबर ठगी के जरिए अलग-अलग बैंक खातों में पैसे मंगवाता था और फिर कैश के रूप में लेनदेन करता था। पुलिस को अंदेशा है कि इस नेटवर्क में कई अन्य लोग जुड़े हुए हैं, जिनकी तलाश जारी है। बताया जा रहा है कि गिरोह फर्जी कॉल, ऑनलाइन फ्रॉड और खाते के विवरण हासिल कर ठगी का काम कर रहा था।

मौके से तीन संदिग्ध गिरफ्तार

साइबर डीएसपी अवंतिका दिलीप कुमार ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर 17 अक्टूबर की देर रात छापेमारी की गई। पुलिस ने एक मकान से कुल 1 करोड़ 05 लाख 49,850 रुपये नकद जब्त किए। 85 एटीएम कार्ड, 75 बैंक पासबुक, 28 चेकबुक, आधार कार्ड, दो लैपटॉप, तीन मोबाइल फोन और एक कार भी कब्जे में ली है। मौके से तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है जिनसे पुलिस लगातार पूछताछ कर रही है।

बिहार के बाहर भी फैला हुआ गिरोह का नेटवर्क

पुलिस के मुताबिक गिरोह फर्जी कॉल, ऑनलाइन फ्रॉड और खाते के विवरण हासिल कर ठगी का काम कर रहा था। पुलिस ने जब्त एटीएम कार्ड व पासबुक के जरिए खातों की लेनदेन जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में यह रैकेट काफी बड़ा और बिहार के बाहर भी फैला हुआ दिख रहा है। साइबर सेल और स्थानीय थाना पुलिस मिलकर गिरोह के नेटवर्क की जांच में जुटी है।

पुलिस के हाथ लगे कई अहम सुराग

जांच में पता चला है कि बरामद अधिकांश पासबुक बेंगलुरु में रजिस्टर्ड हैं, जो इस साइबर क्राइम नेटवर्क के बड़े पैमाने का संकेत देती हैं। हालांकि, यह अभी स्पष्ट नहीं है कि यह नेशनल लेवल साइबर क्राइम है या नहीं। रेड के बाद आयकर विभाग और एंटी-टेररिज्म स्क्वाड भी जांच में शामिल हो गए हैं। पुलिस का कहना है कि इस मामले में कई और गिरफ्तारियां हो सकती हैं और देश के विभिन्न हिस्सों से जुड़े खातों की भी जांच की जा रही है। 

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