देश की सबसे समृद्ध बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) में अपना मेयर बनाने का भाजपा का 45 साल पुराना सपना पूरा होने जा रहा है। करीब तीन दशक से चल रहा ठाकरे परिवार का राज खत्म हो गया है। बीएमसी चुनाव में बिहार के कई नेताओं ने न केवल अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, बल्कि निर्णायक जीत हासिल की है।

मिथिलांचल के उम्मीदवारों ने जमाई धाक
बीएमसी चुनाव में भाजपा और शिंदे शिवसेना गठबंधन को जो मजबूती मिली, उसमें प्रवासी मतदाताओं की भूमिका अहम रही। मुंबई के बीएमसी चुनाव में प्रवासी समुदाय खासकर बिहार के मिथिलांचल नेताओं का दबदबा साफ दिखा। इनमें भी नगर निगम के वार्ड नंबर 23 (कांदिवली पूर्व) से बीजेपी के उम्मीदवार शिव कुमार झा की जीत उल्लेखनीय है।
शिव कुमार झा ने लगाई जीत की हैट्रिक
कांदिवली पूर्व के वार्ड 23 से भाजपा के शिव कुमार झा ने भारी मतों के अंतर से जीत हासिल की और तीसरी बार जीत दर्ज कर हैट्रिक पूरी की। उन्होंने करीब 5,400 मतों से अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को हराया जो इस क्षेत्र में उनके मजबूत प्रभाव को दिखाता है।
मुंबई में उत्तर भारतीयों के नेता
यह जीत सिर्फ एक सीट की नहीं, बल्कि प्रवासी मतदाता शक्ति की पहचान के रूप में देखी जा रही है। छोटे से अंधराठाढ़ी ब्लॉक के गंगद्वार गांव से मुंबई तक अपनी राजनीतिक पहचान बनाने वाले शिव कुमार झा आज उत्तर भारतीय व मैथिल समुदाय के सशक्त चेहरे बने हैं। स्थानीय मतदाताओं की भारी हिस्सेदारी के कारण वे ‘अपनों का नेता’ के रूप में उभरे हैं।
बीएमसी चुनाव में बिहार के झंझारपुर के लोगों का जलवा
बीएमसी चुनाव में सिर्फ शिव कुमार झा ही नहीं, बल्कि झंझारपुर के और उम्मीदवारों ने भी जीत दर्ज़ की। झंझारपुर के महिनाथपुर के मूल निवासी बिनोद मिश्रा वार्ड 43 से चुनाव लड़े। उन्होंने मलाड क्षेत्र में शानदार जीत हासिल की। बिनोद मिश्रा ने लगभग 3,800 वोटों के अंतर से जीत हासिल की। उन्होंने क्षेत्र के विकास और प्रवासी एकता के मुद्दे पर यह सफलता पाई।
इन चेहरों ने बनाई खास पहचान
बिनोद मिश्रा के अलावा वार्ड 163 से अंधराठाढ़ी मूल के राजेश झा ने शिवसेना (शिंदे गुट) के टिकट पर गोरेगांव में जीत हासिल की। राजेश झा ने कड़े मुकाबले में 2200 वोटों से विपक्षी उम्मीदवार को मात दे दी। कांदिवली के वार्ड 160 में लखनौर के मूल निवासी संतोष कुमार मंडल ने 2500 वोटों से जीत हासिल की। कांदिवली के वार्ड 161 में लखनौर के ही मूल निवासी उमेश राय को 1900 वोटों से जीत मिली। उमेश राय ने वार्ड 161 (कांदिवली) से बीजेपी की ओर से मजबूती से चुनाव लड़ा। झंझारपुर के मूल निवासी धीरेंद्र मिश्रा ने वार्ड 174 (कुर्ला-चांदीवली क्षेत्र) में कड़े मुकाबले में 1,100 वोटों से जीत हासिल की।
पहली बार बीएमसी में भाजपा का जलवा
भाजपा की स्थापना के 45 वर्षों में पहली बार बीएमसी में भाजपा का महापौर बनेगा। 29 नगर निगमों की 2,869 सीटों का रिजल्ट आ गया है। भाजपा 1441 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी। एकनाथ शिंदे की शिवसेना को 405 सीटें, कांग्रेस को 318, अजित पवार की नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (NCP) को 164 और उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) को 15 और मनसे को 14 सीटें मिलीं।

