बिहार में एक बार फिर नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए सरकार का गठन हो गया है। सरकार बनने के साथ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पूरे एक्शन मोड़ में हैं। मुख्यमंत्री के कामकाज का अंदाज उन विपक्षियों को बिना कहे जवाब देने जैसा है, जो नीतीश कुमार की उम्र और उनके स्वास्थ्य को लेकर टिप्पणी किया करते थे।

नई सरकार के गठन होने के बाद नीतीश कुमार लगातार विकास कार्यों का जायजा ले रहे हैं। इसी क्रम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अचानक मुख्य सचिवालय पहुंच गए। इस दौरान उन्होंने मुख्य सचिवालय के कई विभागों का निरीक्षण किया।
मुख्य सचिवालय के विभिन्न विभागों का निरिक्षण
इस दौरान उन्होंने मुख्य सचिवालय के विभिन्न विभागों का दौरा किया और व्यवस्थाओं तथा कार्य पद्धति का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने कोषांग, मंत्रिमंडल कक्ष, वित्त मंत्री का कार्यालय, अतिथि कक्ष समेत सचिवालय के सभी प्रमुख विभागों का निरीक्षण किया और वहां काम करने वाले अधिकारियों से कार्य की प्रक्रिया की जानकारी प्राप्त की।
अधिकारियों को सख्त निर्देश
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि सभी कर्मचारी समय पर कार्यालय आयें और कार्य का निष्पादन अनुशासन के साथ करें। उन्होंने कहा कि कार्यालय में पूरी संवेदनशीलता और अनुशासन के साथ काम किया जाए ताकि सभी कार्य समय पर पूरे किए जा सकें। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने सचिवालय परिसर की साफ-सफाई और सुंदरता पर विशेष जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि परिसर सुसज्जित और आकर्षक दिखाई दे, उद्यान क्षेत्र हरा-भरा रहे और जहां जरूरत हो वहां पौधारोपण कराएं। साथ ही आगंतुकों के बैठने और उनकी सुविधाओं का भी विशेष ध्यान रखा जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्य सचिवालय को और बेहतर और व्यवस्थित बनाने की योजना पर तेजी से काम किया जाए।
सीएम के दौरे से अधिकारियों में हड़कंप
जानकारी अनुसार पटना के मुख्य सचिवालय में शुक्रवार सुबह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अचानक निरीक्षण कर अफसरों और कर्मचारियों की कार्यशैली की बारीकी से समीक्षा की। बिना किसी पूर्व सूचना के हुए इस सरप्राइज इंस्पेक्शन के दौरान सचिवालय परिसर में अफरा-तफरी का माहौल देखा गया।

