पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डॉ. शकील अहमद इन दिनों कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर की बयानबाजी को लेकर सुर्खियों में हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केन्द्रीय मंत्री रहे शकील अहमद ने कांग्रेस पार्टी के टॉप लीडरशिप के खिलाफ मोर्चा खोलकर सियासी गलियारे में हलचल पैदा कर दी है।

आवास पर हमले की साजिश का आरोप
शकील अहमद ने दावा किया है कि कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व उनके पटना और मधुबनी स्थित आवास पर हमले की साजिश रच रहे हैं। शकील अहमद ने एक्स पोस्ट में गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने लिखा, ‘अब तो मेरी जानकारी बिल्कुल सही साबित हुई। कांग्रेस के पुराने साथियों का बहुत धन्यवाद। हमारे बिहार में एक कहावत कि पुराने दोस्त ही काम आते हैं। क्या यह राहुल जी के आदेश के बिना हो रहा है?’
पुतला दहन के बहाने हमले का दावा
शकील अहमद ने आगे कहा, ‘अभी अभी कांग्रेस के कुछ साथियों ने गुप्त रूप से मुझे ख़बर किया है कि कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व ने बिहार कांग्रेस / युवा कांग्रेस को यह आदेश दिया है कि कल दिनांक 27 जनवरी को पुतला दहन के बहाने मेरे पटना और मधुबनी निवास पर आक्रमण किया जाय। यह जनतंत्र के सिद्धांत के खिलाफ है।’
विवाद की जड़ में क्या?
ये विवाद तब शुरू हुआ जब शकील अहमद ने एक पॉडकास्ट में राहुल गांधी को सबसे ‘असुरक्षित’ नेता करार दिया था। फिलहाल, इस गंभीर आरोप के बाद बिहार की राजनीति में उबाल आ गया है। शकील अहमद ने एक न्यूज चैनल को दिए इंटरव्यू में राहुल गांधी की लीडरशिप पर बड़े सवाल उठाए। उन्होंने राहुल गांधी को ‘डरपोक’ और ‘असुरक्षित’ बताते हुए कहा कि वो कांग्रेस के भीतर मजबूत और प्रभावशाली नेताओं को पसंद नहीं करते। अहमद का आरोप है कि मल्लिकार्जुन खरगे केवल नाम के अध्यक्ष हैं, जबकि पर्दे के पीछे से सारे फैसले राहुल गांधी ही लेते हैं

