Bihar: बिहार में बसपा के एकमात्र विधायक की तोड़ने की हो रही कोशिश, पार्टी के दावे से खलबली

Neelam
By Neelam
3 Min Read

बिहार में हाल में हुए विधानसभा चुनाव में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) पार्टी को एक सीट पर जीत मिली है। कैमूर जिले की रामगढ़ सीट से बसपा के सतीश कुमार सिंह यादव ने मात्र 30 वोट के अंतर से भाजपा उम्मीदवार अशोक कुमार सिंह को हराया था। हालांकि, बसपा को अपने एक मात्र विधायक के टूटने का डर सता रहा है। पार्टी का आरोप है कि सत्ता पक्ष उनके अकेले विधायक को तोड़ने की कोशिश कर रहा है।

दल-बदल के प्रयास का डटकर होगा मुकाबला- आकाश आनंद

बसपा ने बुधवार को पटना में स्थित महाराजा कॉम्प्लेक्स में आयोजित राज्यस्तरीय समीक्षा बैठक में आरोप लगाया कि सत्ता पक्ष उनके अकेले विधायक को तोड़ने की कोशिश कर रहा है तथा उन्हें कई तरह के प्रलोभन दिए जा रहे हैं। बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद ने संगठन की मजबूती और विधायकों की निष्ठा पर जोर देते हुए कहा कि पार्टी दल-बदल के किसी भी प्रयास का डटकर मुकाबला करेगी।

इकलौते विधायक को दिया जा रहा प्रलोभन

बिहार प्रभारी अनिल कुमार ने दावा किया कि सत्ता पक्ष लगातार संपर्क साध रहा है और सतीश यादव को अपने पक्ष में करने की कोशिशें जारी हैं। अनिल कुमार ने कहा कि कुछ शक्तियां संविधान की मूल भावना से हटकर देश को धर्म आधारित दिशा देने की बात कर रही हैं, जो लोकतंत्र के लिए बड़ा खतरा है। उन्होंने कहा कि गठबंधन 200 से अधिक सीट जीतकर सत्ता में आई है, लेकिन बसपा के एकमात्र विधायक को भी अपने साथ शामिल करने के लिए प्रलोभन दिया जा रहा है।

2020 में जमा खान ने दिया था धोखा

बिहार में बसपा विधायकों के बदलबदल का इतिहास रहा है। वर्ष 2020 के विधानसभा चुनाव में कैमूर जिले की चैनपुर सीट पर बसपा के मोहम्मद जमा खान ने जीत दर्ज की थी, लेकिन 2021 में उन्होंने बसपा का साथ छोड़कर जदयू का दामन थाम लिया था। इसके बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उन्हें कैबिनेट में शामिल कर अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री बना दिया था।

Share This Article