बिहार में अवैध अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन का सख्त अभियान पूरे जोर पर है। राजधानी पटना में शहरवासियों की सुविधा और यातायात सुगमता को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने 26 प्रमुख सड़कों से अतिक्रमण हटाने का विशेष अभियान शुरू करने का निर्णय लिया है। यह अभियान 31 जनवरी तक चलेगा और इसके तहत दानापुर से लेकर पटना सिटी तक के विभिन्न क्षेत्रों में चल रहे अतिक्रमण को हटाया जाएगा।

पटना में प्रशासन का बुलडोजर एक्शन
पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम आज से शहर की 26 प्रमुख सड़कों पर बुलडोजर एक्शन चलाएगी। प्रशासन के मुताबिक यह कार्रवाई दानापुर से लेकर पटना सिटी तक चरणबद्ध तरीके से की जाएगी। सड़क किनारे अवैध रूप से लगे ठेले, गुमटी, दुकानों के आगे बढ़ाए गए शेड, अतिक्रमण कर बनाए गए पक्के-नाले और फुटपाथ पर कब्जा करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि पहले ही कई इलाकों में नोटिस दिया जा चुका है, इसके बावजूद अतिक्रमण नहीं हटाने वालों पर अब सीधे बुलडोजर चलेगा।
इन सड़कों पर दिखेगा एक्शन
जिन प्रमुख सड़कों और मार्गों को इस अभियान में शामिल किया गया है, उनमें सगुना मोड़ से दानापुर रेलवे स्टेशन तक, शेखपुरा मोड़ से रूकनपुरा, बोरिंग रोड, बोरिंग कैनाल रोड, राजापुर पुल मार्ग, अटल पथ, बेऊर मोड़ से पहाड़ी तक का इलाका शामिल है। इसके अलावा पटना जंक्शन रोड, कंकड़बाग मेन रोड, कंकड़बाग टेंपू स्टैंड से शालीमार स्वीट्स तक, गांधी मैदान के चारों ओर, गांधी मैदान से दीघा और गांधी मैदान से पटना सिटी जाने वाले मार्ग भी कार्रवाई के दायरे में हैं।
कुल नौ टीम का गठन
अतिक्रमण हटाने के लिए कुल नौ टीम का गठन किया गया है। अतिक्रमण हटाने के दौरान किसी भी व्यक्ति या संस्था द्वारा व्यवधान उत्पन्न करना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और सख्त कार्रवाई की जाएगी। नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि अभियान के दौरान अतिक्रमण हटाने के लिए आवश्यक उपकरण और मानव संसाधन पहले ही तैयार किए गए हैं। इसके तहत विभिन्न स्थानों पर पुलिस बल भी तैनात किया जाएगा, ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या विरोध की स्थिति में तत्काल नियंत्रण किया जा सके।
सरकारी जमीन को बनाया जा रहा अतिक्रमण मुक्त
बिहार के अन्य जिलों में भी यह अभियान जारी है। रोहतास जिले के नोखा क्षेत्र में धरमपुरा थाना के अंतर्गत धरमपुरा, हथिनी और सिसरीत गांवों में सरकारी भूमि पर किए गए अवैध कब्जे हटाए गए। सीओ की अगुवाई में टीम ने जेसीबी की मदद से शेड और बाउंड्री वॉल जैसी संरचनाएं ढहाईं। शिकायतों के आधार पर यह कार्रवाई की गई, जिसमें मुख्यमंत्री जनता दरबार में दर्ज मामलों को भी प्राथमिकता दी गई।

