Bihar: पटना NEET छात्रा मौत केस : SIT ने डीजीपी को सौंपी रिपोर्ट, कई चौंकाने वाले खुलासे

Neelam
By Neelam
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पटना के मुन्ना चक स्थित शंभू गर्ल्स हॉस्टल में रहकर NEET परीक्षा की तैयारी कर रही एक छात्रा की संदिग्ध मौत की जांच एक अहम मोड़ पर पहुंच गई है। स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) ने सात दिनों की गहन जांच के बाद अपनी रिपोर्ट बिहार पुलिस मुख्यालय को सौंप दी है। यह रिपोर्ट पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को पेश की गई है।

SIT की रिपोर्ट में प्रभात मेमोरियल हॉस्पिटल और मेदांता अस्पताल के डॉक्टरों, छात्रा के परिजनों, सहपाठियों, ऑटो चालक, स्कॉर्पियो ड्राइवर, पड़ोसियों, मुखिया और शंभू गर्ल्स हॉस्टल के कर्मियों के बयान दर्ज हैं। इसके साथ ही डिजिटल और टेक्निकल एविडेंस भी रिपोर्ट का हिस्सा बनाए गए हैं।

40 से ज्यादा CCTV फुटेज खंगाले

जांच के दौरान एसआईटी ने 40 से भी ज्यादा सीसीटीवी कैमरों के फुटेज को खंगाला। एसआईटी ने पटना जंक्शन से लेकर हॉस्टल तक के सीसीटीवी फुटेज खंगाले हैं। हॉस्टल के अंदर और बाहर लगे कैमरों के फुटेज भी जांच में शामिल किए गए हैं। साथ ही जहानाबाद में मृतका के घर से लेकर के स्टेशन तक की गतिविधियां हैं। इन सारे फुटेज को एक पेन ड्राइव में ले लिया गया है।

15 से ज्यादा लोगों से पूछताछ

यही नहीं 15 से ज्यादा लोगों से पूछताछ भी की। इसमें अस्पताल के डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और मैनेजमेंट, छात्रा के परिवार के सदस्यों, हॉस्टल में रहने वाली अन्य छात्राओं, हॉस्टल के मैनेजमेंट और स्टाफ, पड़ोसियों और स्थानीय जन प्रतिनिधियों आदि के बयान शामिल हैं। एसआईटी ने मृतक छात्रा के तीन करीबियों से भी पूछताछ की। हालांकि बाद में उन्हें छोड़ दिया गया।

11 जनवरी को अस्पताल में छात्रा ने तोड़ा दम

रिपोर्ट के अनुसार, छात्रा 5 जनवरी को जहानाबाद से पटना आई और दोपहर करीब 3:35 बजे शंभू गर्ल्स हॉस्टल पहुंची। अगले दिन, 6 जनवरी को, वह अपने कमरे से बाहर नहीं निकली और दोपहर में बेहोश पाई गई। उसे पहले कंकड़बाग के एक प्राइवेट अस्पताल ले जाया गया, फिर प्रभात मेमोरियल अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालत बिगड़ने पर उसे 9 जनवरी को मेदांता अस्पताल रेफर किया गया, जहां 11 जनवरी को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने बदली जांच की दिशा

बता दें कि शुरुआती जांच में, पुलिस ने यौन उत्पीड़न की संभावना से इनकार कर दिया था। हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने इस नतीजे पर गंभीर सवाल उठाए। रिपोर्ट में साफ तौर पर कहा गया था कि यौन उत्पीड़न की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। शरीर पर चोट के निशान और जबरदस्ती यौन संपर्क के संकेत मिलने के बाद मामला और गंभीर हो गया।

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