बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के बीच जन सुराज आंदोलन के संस्थापक प्रशांत किशोर ने एक बार फिर अपने आरोपों से राजनीतिक हलचल मचा दी है। प्रशांत किशोर ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर उनकी पार्टी के उम्मीदवारों को डराने-धमकाने का आरोप लगाया है। प्रशांत किशोर ने मंगलवार को पटना में प्रेस वार्ता की। इस दौरान इस दौरान उन्होंने बीजेपी पर जमकर हमला बोला। पीके ने कहा कि भाजपा को सबसे ज्यादा डर जनसुराज से लग रहा।

उम्मीदवारों को नामांकन से रोकने की कोशिश
शेखपुरा हाउस में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान प्रशांत किशोर ने दावा किया कि राजनीतिक दबाव और साजिश के तहत जनसुराज के कई उम्मीदवारों को नामांकन करने या चुनाव से हटने के लिए मजबूर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले चार दिनों में जनसुराज के तीन उम्मीदवारों के नामांकन पर रोक या वापसी हुई है और इसके पीछे सत्ता पक्ष का सीधा हस्तक्षेप है। जिन तीन स्थानों का उन्होंने ज़िक्र किया, उनमें गोपालगंज, ब्रह्मपुर और दानापुर विधानसभा शामिल हैं।
भाजपा को महागठबंधन से नहीं, जनसुराज से डर-पीके
प्रशांत किशोर ने बड़ा खुलासा करते हुए कहा, बिहार में एक अप्रत्याशित घटना घट रही है। बीते वर्षों में विधायकों की खरीद-फरोख्त देखी गई थी, अब उम्मीदवारों को नामांकन तक नहीं करने दिया जा रहा है। भाजपा को महागठबंधन से नहीं, बल्कि जनसुराज से डर लग रहा है।
चुनाव आयोग से शिकायत करने की कही बात
पीके ने आगे कहा कि दानापुर में जनसुराज के उम्मीदवार अखिलेश शाह को सिंबल दिया गया लेकिन वो निर्वाचन दफ्तर तक नहीं पहुंचे और गायब हो गए। बाद में ये भाजपा के बड़े नेताओं के साथ दिखे। उन्होंने कहा कि ब्रह्मपुर विधानसभा क्षेत्र से जनसुराज के उम्मीदवार जयप्रकाश तिवारी ने भी सिंबल लिया, नामांकन भी किया। प्रचार भी किया और आखिर दिन अपना नामांकन वापस ले लिए। ये भी भाजपा के बड़े नेताओं के साथ दिखे। प्रशांत किशोर ने धर्मेंद्र प्रधान के साथ उनकी तस्वीर भी दिखाई। हम इसकी शिकायत चुनाव आयोग से करेंगे
अमित शाह और धर्मेंद्र प्रधान डराने-धमकाने का आरोप
जनसुराज के संस्थापक ने गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर भी उम्मीदवारों को डराने-धमकाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा के कुछ नेता जन सुराज उम्मीदवार से मिले और इन्होंने भी अपना नामांकन वापस ले लिया। प्रशांत किशोर ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में भाजपा ने सरकार बनाने की छवि बना ली है, चाहे चुनाव कोई भी जीते। अब, उन्होंने बिहार में एक नया अभियान शुरू किया है। वे जनता को डराने के लिए महागठबंधन का इस्तेमाल कर रहे हैं।
छठ के बाद बड़ा खुलासा
प्रशांत किशोर ने यह भी कहा कि छठ पर्व के बाद वे भ्रष्टाचार और सत्ता के अंदरूनी खेल को लेकर बड़ा खुलासा करेंगे। प्रशांत किशोर ने कहा कि जनसुराज के 240 उम्मीदवार अभी भी मैदान में हैं और किसी भी दबाव से पीछे हटने वाले नहीं हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनसुराज किसी भी गठबंधन या पार्टी को समर्थन नहीं देगा। उन्होंने कहा, 14 नवंबर को परिणाम आने के बाद दूध का दूध, पानी का पानी हो जाएगा। बिहार के लोग बदलाव के लिए तैयार हैं।

