पटना में मकर संक्रांति के मौके पर तेज प्रताप यादव ने पने सरकारी आवास पर दही-चूड़ा भोज का शानदार आयोजन किया। इस दौरान तेज प्रताप खुद मेहमानों की अगवानी और खातिरदारी करते दिखे। इस दौरान सबसे खास बात ये दिखी की सारी नाराजगी को दूर करते हुए राष्ट्रीय जनता दल के सुप्रीमो लालू यादव अपने बेटे के पास पहुंचे। हालांकि, तेज प्रताप के दही-चूड़ा भोज में तेजस्वी यादव शामिल नहीं हुए।

नहीं रखा बड़े भाई का मान
बड़े भाई से न्योता मिलने के बावजूद तेजस्वी यादव दही-चूड़ा भोज में शामिल नहीं हुए। उन्होंने राबड़ी आवास पर ही सादगी के साथ मकर संक्रांति मनाई और वहीं दही-चूड़ा खाया। इस पूरे कार्यक्रम में सबसे ज्यादा चर्चा तेजस्वी यादव की गैरहाजिरी को लेकर रही
खुद आमंत्रण देने पहुंचे थे तेज प्रताप
मंगलवार रात को तेज प्रताप खुद 10 सर्कुलर रोड स्थित राबड़ी देवी के आवास पर गए। वहां उन्होंने अपने पिता लालू प्रसाद यादव और मां राबड़ी देवी के पैर छूकर उनका आशीर्वाद लिया। इस मुलाकात के दौरान, तेज प्रताप ने अपने छोटे भाई और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को भी औपचारिक रूप से भोज का न्योता दिया।
एकजुटता के लगने लगे थे कयास
इस मुलाकात की तस्वीर सामने आई तो सोशल मीडिया पर लोगों ने कहना शुरू कर दिया की परिवार एकजुट हो रहा है, कड़वाहट दूर हो रही है। लेकिन फिर मकर संक्रांति के दिन तस्वीर बदल गई। तेज प्रताप के आवास पर आयोजित भोज में तेजस्वी यादव कहीं नजर नहीं आए। उन्होंने राबड़ी आवास पर सादगी से मकर संक्रांति मनाई और वहीं दही-चूड़ा खाया। इसका फोटो और वीडियो भी सामने आया, जिसमें उनकी मां राबड़ी देवी भी उनके साथ मौजूद हैं।
रिश्तों की तल्खी है बरकरार
तेजस्वी यादव के दही-चूड़ा भोज में शामिल होने के सवाल पर तेजप्रताप यादव ने कहा कि हमने न्यौता भेज दिया है। हमारे छोटे भाई हैं, थोड़ा लेट से सोकर उठते हैं। इस बयान को सियासी गलियारों में भाई-भाई के रिश्तों की तल्खी से जोड़कर देखा जा रहा है।

