बिहार की सियासी गलियों में इन दिनों मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के करीबी रहे आरसीपी सिंह को लेकर चर्चाएं तेज हैं। पूर्व केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह के फिर से जनता दल यूनाइटेड (जदयू) में लौटने की अटकलें लगाई जा रही है। इस बीच बिहार सरकार के मंत्री श्रवण कुमार ने बड़ा बयान दिया है।

नीतीश कुमार के मंत्री मंत्री श्रवण कुमार ने साफ किया कि ऐसे नेताओं की पार्टी को जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार को कल तक आरसीपी सिंह बीमार बताते हुए कुछ काम के लायक नहीं कह रहे थे।
कल तक नीतीश कुमार को फिनिश कर रहे थे- श्रवण कुमार
मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि आरसीपी सिंह जिस पार्टी में गए हैं, उस पार्टी के नेता कह रहे थे कि जदयू को 25 सीट भी आ जाएगा तो हम राजनीति छोड़ देंगे। नीतीश कुमार को फिनिश कर रहे थे, लेकिन आज क्या आवश्यकता पड़ गई? ऐसे लोगों की कोई जरूरत नहीं है, जो कल तक नीतीश कुमार को फिनिश कर रहे थे, उसी के यहां आज माथा टेकने के लिए बेचैन हैं।
ललन सिंह ने भी वापसी की संभावना को नकारा
इससे पहले केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने भी उनके जदयू में आने की संभावना को नकार दिया था। उन्होंने यहां तक कहा था कि जदयू में ऐसे लोगों का कहीं स्थान नहीं है। उन्होंने जदयू को 72 से 42 पर पहुंचा दिया था। इस पार्टी के जो समर्पित कार्यकर्ता हैं और बिहार की जनता ने फिर से नीतीश कुमार को 42 से 85 पर पहुंचा दिया। ऐसे में 72 से 42 सीट पर पहुंचाने वाले लोग यहां आकर क्या ही करेंगे?
घर वापस की चर्चा तेज
दरअसल, जदयू के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष आरसीपी सिंह ने पिछले दिनों एक बयान में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की तरफ इशारा करते हुए कहा था कि वे कभी जदयू से अलग ही नहीं हुए थे। उनके इस बयान के बाद बिहार की सियासत में इस बात की चर्चा तेज हो गई कि एक बार फिर से वह अपने पुराने घर वापस लौट सकते हैं।
जदयू छोड़कर जनसुराज की सदस्यता ली
आरसीपी सिंह ने जदयू छोड़कर प्रशांत किशोर की पार्टी जनसुराज की सदस्यता ग्रहण कर ली थी। कहा जा रहा है कि उनका जनसुराज से मोहभंग हो चुका है। पिछले साल हुए विधानसभा चुनाव में जनसुराज पार्टी एक भी सीट नहीं जीत सकी थी।

