बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य में विशेष बल ‘अभय ब्रिगेड’ के गठन की घोषणा की है। ‘अभय ब्रिगेड’ स्कूल-कॉलेजों, बाजारों और अन्य संवेदनशील स्थानों पर सक्रिय रहकर महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा और छेड़खानी या उत्पीड़न की शिकायत पर तुरंत कार्रवाई करेगा।

महिलाओं की सुरक्षा को लेकर संवेदनशील सरकार
शुक्रवार को सरदार पटेल भवन में आयोजित कानून-व्यवस्था को लेकर समीक्षा बैठक में सम्राट चौधरी ने राज्य में विशेष बल ‘अभय ब्रिगेड’ के गठन की घोषणा की। यह बल खास तौर पर स्कूल-कॉलेज, बाजारों और उन सभी स्थानों पर तैनात रहेगा, जहां भीड़ अधिक होती है या महिलाओं की सुरक्षा को लेकर अलग से संवेदनशीलता की जरूरत पड़ती है।
गृह मंत्री ने कहा-शिकायत को टालने की गुंजाइश नहीं
अभय ब्रिगेड का उद्देश्य महिलाओं के लिए ऐसा वातावरण तैयार करना है जहां समस्या होने पर तुरंत पुलिस की मदद उपलब्ध हो सके। गृह मंत्री ने कहा कि किसी भी तरह की शिकायत को टालने की गुंजाइश नहीं होगी। इस यूनिट को तेज प्रतिक्रिया और तत्काल हस्तक्षेप के लिए तैयार किया जा रहा है।
यातायात व्यवस्था को तीन महीने में दुरूस्त करने का निर्देश
सम्राट चौधरी ने अवैध खनन के खिलाफ प्रभावी सूचना प्रणाली विकसित करने, जमीन की गलत खरीद-फरोख्त में संलिप्त लोगों की पहचान के लिए विशेष तंत्र बनाने तथा राज्य की यातायात व्यवस्था को तीन महीने के भीतर दुरुस्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को उद्यमियों व औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ मासिक बैठक आयोजित कर उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के लिए भी कहा।
कानून-व्यवस्था के मामलों में ढिलाई बर्दाश्त नहीं-सम्राट चौधरी
सम्राट चौधरी ने कहा, राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सरकार भू-माफिया, बालू माफिया और शराब माफिया के खिलाफ कतई बर्दाश्त नहीं करने की नीति (जीरो टॉलरेंस) पर कार्य कर रही है। बिहार अपराधियों के लिए नहीं है। जो यहां रहकर कानून तोड़ने की कोशिश करेगा, उसे या तो सुधरना होगा या राज्य छोड़ना होगा। उपमुख्यमंत्री ने प्रशासनिक मशीनरी को भी स्पष्ट संदेश दिया कि कानून-व्यवस्था के मामलों में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में पुलिस मुख्यालय के विभिन्न प्रभाग-विशेष शाखा, अपराध अन्वेषण विभाग (सीआईडी), विशेष कार्य बल (एसटीएफ) और सुरक्षा विभाग द्वारा विस्तृत प्रस्तुतियां दी गईं। इस दौरान अपराध नियंत्रण, खुफिया तंत्र के सुदृढ़ीकरण, सुरक्षा व्यवस्था और भविष्य की कार्य योजनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई।

