जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन करने की थी तैयारी, मुंबई से दिल्ली पहुंचते ही विमान के अंदर से हिरासत में लिए गए थे तीनों नेता
दिल्ली में कॉकroach जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके और पार्टी के सह-संयोजक सौरव दास व आशुतोष रांका को रविवार को रिहा कर दिया गया. तीनों नेताओं को दिल्ली में जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले हिरासत में लिया गया था. रविवार को उन्हें दिल्ली कैंट स्थित कार्यपालक मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया गया, जहां से एक साल तक शांति बनाए रखने की शर्त पर उनकी रिहाई का आदेश दिया गया.
विमान से हिरासत में लिए गए थे तीनों नेता
तीनों नेता शनिवार को मुंबई से दिल्ली पहुंचे थे. उनकी फ्लाइट के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरने के बाद दिल्ली पुलिस ने उन्हें विमान के अंदर से हिरासत में ले लिया था. यह कार्रवाई मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले की गई थी.
50 हजार रुपये का मुचलका भरने के बाद रिहाई
दिल्ली पुलिस के अनुसार, तीनों नेताओं के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 126 और 170 के तहत निवारक कार्रवाई की गई थी. रविवार को उन्हें दिल्ली कैंट स्थित कार्यपालक मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया गया. पुलिस के मुताबिक, एक साल तक शांति और अच्छे व्यवहार को बनाए रखने के लिए 50 हजार रुपये का जमानती मुचलका भरने के बाद उन्हें रिहा कर दिया गया.
मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन की थी योजना
CJP ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का आह्वान किया था. पार्टी और विपक्षी दलों ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित अनियमितताओं को लेकर सवाल उठाए हैं. प्रदर्शनकारियों की मांगों में मुख्य चुनाव आयुक्त का इस्तीफा भी शामिल था.
दिल्ली में प्रदर्शन से पहले सुरक्षा व्यवस्था सख्त
प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई थी. पुलिस ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी थी. शनिवार को प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे कई लोगों और विपक्षी नेताओं को भी हिरासत में लिया गया था. इसी दौरान CJP के तीनों नेताओं को भी पुलिस ने हिरासत में लिया था.

