जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर बुधवार को दरभंगा पहुंचे। पीके ने बिहार नवनिर्माण अभियान के तहत लहेरियासराय के प्रेक्षागृह में सभी सांगठनिक इकाइयों के साथ बैठक की। इस दौरान पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने बिहार सरकार और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि राज्य में सिर्फ मुख्यमंत्री और मंत्रियों के चेहरे बदले हैं, लेकिन बिहार की समस्याएं आज भी जस की तस बनी हुई हैं।
चुनाव में जो सीएम फेस थे वे खुद पलायन कर गए-पीके
बिहार की नई सरकार के छह महीने के कार्यकाल पर प्रशांत किशोर ने तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि सत्ता परिवर्तन के बाद केवल नेताओं के चेहरे बदले हैं, लेकिन राज्य की मूल समस्याएं आज भी वैसी ही बनी हुई हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव में जो मुख्यमंत्री का चेहरा बने हुए थे, वे खुद तो पलायन कर गए, लेकिन राज्य से पलायन की गंभीर समस्या का अब तक कोई समाधान नहीं निकल सका।
सत्ता के चेहरे बदले गए व्यवस्था नहीं-पीके
प्रशांत किशोर ने कहा कि 20 नवंबर को सरकार का शपथ ग्रहण हुआ था और उन्होंने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि छह महीने तक सरकार के कामकाज को देखने के बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी। अब छह महीने पूरे होने पर यह साफ हो गया है कि केवल सत्ता के चेहरे बदले गए हैं, व्यवस्था नहीं।
सीएम आवास को लेकर भी पीके ने कसा तंज
मुख्यमंत्री आवास को लेकर भी प्रशांत किशोर ने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बिहार जैसे गरीब राज्य के मुख्यमंत्री का आवास देश के सबसे बड़े सरकारी आवासों में शामिल है। पहले से विशाल एक अणे मार्ग स्थित मुख्यमंत्री आवास में अब देशरत्न मार्ग स्थित उपमुख्यमंत्री आवास को भी जोड़ दिया गया है। प्रशांत किशोर ने तंज कसते हुए कहा कि जहां बिहार के करोड़ों युवा 10-12 हजार रुपये कमाने के लिए दिल्ली, मुंबई और गुजरात जैसे राज्यों में छोटे-छोटे कमरों में चार-पांच लोगों के साथ रहने को मजबूर हैं, वहीं मुख्यमंत्री के लिए 25 एकड़ का बंगला भी कम पड़ रहा है।
चुनावी वादों पर भी सरकार को घेरा
चुनाव के दौरान किए गए वादों पर भी पीके ने सरकार को घेरा। उन्होंने कहा था एक करोड़ नौकरी देने की बात कही गई थी, लेकिन छह महीने बीत जाने के बाद भी उसमें कोई बदलाव नहीं आया। बिहार के नए मुख्यमंत्री की पहली प्राथमिकता बिहार नहीं, बल्कि गुजरात है। उन्होंने कहा कि अडानी आंखों का अस्पताल खोलने जा रहे हैं, लेकिन सरकार यह नहीं बता रही कि पीरपैंती में बिजली घोटाला हो रहा है। आंखों के अस्पताल का आश्वासन देकर लोगों की आंखों में धूल झोंकी जा रही है।

