14 साल पुराने मामले में कांग्रेस विधायक प्रदीप यादव को 1 साल की सजा, रणधीर सिंह समेत अन्य आरोपी बरी

Manju
By Manju
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डिजिटल डेस्क। मिरर मीडिया: झारखंड की सियासत से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। एमपी-एमएलए की विशेष अदालत ने पोड़ैयाहाट से कांग्रेस विधायक प्रदीप यादव को वर्ष 2010 के एक मामले में दोषी करार देते हुए एक साल की सजा सुनाई है। हालांकि, इसी मामले में आरोपी रहे पूर्व भाजपा विधायक रणधीर सिंह समेत अन्य सभी आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में कोर्ट ने बाइज्जत बरी कर दिया है।

क्या है पूरा मामला?
​यह मामला 15 सितंबर 2010 का है। उस समय झारखंड विकास मोर्चा में रहे प्रदीप यादव और रणधीर सिंह के नेतृत्व में देवघर को सुखाड़ क्षेत्र घोषित करने की मांग को लेकर उग्र प्रदर्शन किया गया था। प्रदर्शनकारियों ने सड़क जाम किया था, जिससे आम जनता को भारी परेशानी हुई थी। तत्कालीन दंडाधिकारी सुधीर कुमार मोदी ने लोक संपत्ति निवारण अधिनियम के तहत 12 नामजद और 200 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी।

अदालत का फैसला और जमानत
​सोमवार को विशेष न्यायाधीश मोहित चौधरी की अदालत ने अपना फैसला सुनाया। प्रदीप यादव को धारा 225 के तहत दोषी पाते हुए 1 वर्ष की जेल की सजा सुनाई गई। सजा सुनाए जाने के तुरंत बाद प्रदीप यादव के अधिवक्ता शंकर बसई वाला ने प्रोविजनल (अंतिम) जमानत की अर्जी दाखिल की। अदालत ने 10-10 हजार रुपये के दो मुचलकों पर एक माह के लिए जमानत मंजूर कर ली है, जिससे विधायक को फिलहाल जेल नहीं जाना होगा।

अन्य आरोपियों को मिली बड़ी राहत
​इस मामले में अभियोजन पक्ष ने कुल 6 गवाहों को पेश किया था। अदालत ने पाया कि प्रदीप यादव के खिलाफ पर्याप्त सबूत मौजूद हैं, लेकिन रणधीर सिंह और अन्य आरोपियों के खिलाफ ठोस साक्ष्य नहीं मिल सके। इसके चलते अदालत ने उन्हें दोषमुक्त करार दिया।

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