दुमका के कस्तूरबा विद्यालय में प्रवेश को लेकर विवाद, अभिभावक ने ₹10 हजार रिश्वत का लगाया आरोप

KK Sagar
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दुमका/जरमुंडी: जरमुंडी स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (KGBV) में छात्रा के प्रवेश को लेकर विवाद सामने आया है। अनुसूचित जाति (SC) वर्ग की छात्रा रानीता कुमारी के दादा उमाशंकर दास ने विद्यालय के एक गार्ड पर ₹10,000 लेकर नामांकन दिलाने का झांसा देने का आरोप लगाया है। वहीं विद्यालय प्रशासन ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है।

उमाशंकर दास का आरोप है कि विद्यालय के एक गार्ड ने उनकी पोती का प्रवेश कराने का भरोसा देकर ₹10 हजार लिए। उनका कहना है कि जून के मध्य में जब वे प्रवेश की जानकारी लेने विद्यालय पहुंचे तो वार्डन नेहा वर्मा ने कथित रूप से पुलिस कार्रवाई और एफआईआर की धमकी दी। उनका यह भी आरोप है कि शिक्षा विभाग से शिकायत करने के बावजूद न तो उनकी पोती का नामांकन हुआ और न ही राशि वापस मिली।

वहीं विद्यालय की वार्डन नेहा वर्मा ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि प्रवेश प्रक्रिया पूरी तरह सरकारी दिशा-निर्देशों और अधिकारियों की निगरानी में पारदर्शी तरीके से संपन्न हुई है। उन्होंने बताया कि SC वर्ग में केवल चार सीटें उपलब्ध थीं, जबकि करीब 10 आवेदन प्राप्त हुए थे। चयन प्रक्रिया के बाद चार छात्राओं का नामांकन किया गया, जबकि रानीता कुमारी प्रतीक्षा सूची में प्रथम स्थान पर थीं। सभी चयनित छात्राओं के प्रवेश लेने के कारण प्रतीक्षा सूची से नामांकन की आवश्यकता नहीं पड़ी।

वार्डन ने कहा कि चयन और प्रतीक्षा सूची विद्यालय एवं प्रखंड कार्यालय में सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित की गई थी। उन्होंने रिश्वत लेने के आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि इस तरह के आरोपों से विद्यालय के कर्मचारियों का मनोबल प्रभावित होता है।

फिलहाल मामला आरोप-प्रत्यारोप का है। रिश्वत लेने के आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। यदि संबंधित विभाग इस मामले की जांच कराता है, तो जांच रिपोर्ट आने के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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