December 7, 2022

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मासिक परीक्षा में छात्रों के खराब प्रदर्शन पर डीसी ने जताई अप्रसन्नता, उपायुक्त ने दिए सख्त निर्देश, 28, 29 व 30 नवंबर को अनुमंडल पदाधिकारी की निगरानी में ली जाएगी परीक्षा

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जमशेदपुर : उपायुक्त विजया जाधव की अध्यक्षता में शिक्षा विभाग की समीक्षात्मक बैठक में एसडीएम धालभूम श्री पियूष सिन्हा, एडीएम लॉ एंड ऑर्डर नन्दकिशोर लाल, निदेशक एनईपी ज्योत्सना सिंह, जिला आपूर्ति पदाधिकारी राजीव रंजन, एसओआर दीपू कुमार, जिला योजना पदाधिकारी अरूण द्विवेदी, डीईओ निर्मला बरेलिया, डीएसई निशु कुमारी तथा शिक्षा विभाग के अन्य प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी मौजूद रहे।

समीक्षा के क्रम में कक्षा 1 से 12वीं के 24369 बच्चे ऐसे पाये गए, जिनका बैंक खाता नहीं खुल पाया है। वहीं लगभग 14 हजार आवेदन बैंकों में जमा है। उपायुक्त द्वारा एलडीएम व शिक्षा विभागीय पदाधिकारी को आपस में समन्वय स्थापित करते हुए अगले 10 दिनों में सभी छूटे हुए बच्चों के बैंक खाता खुलवाने का निर्देश दिया गया। कुल नामांकित 184019 में से 158767 बच्चों का बैंक खाता खोला जा चुका है। सभी शिक्षकों को अनिवार्य रूप से बायोमेट्रिक अटेडेंस बनाने का निर्देश दिया गया। बच्चों को ई विद्यावाहिनी में उपस्थिति दर्ज करना अनिवार्य है। बच्चों तथा शिक्षकों की मासिक औसत उपस्थिति को आधार बनाकर शिक्षकों व बीईईओ का वेतन देने का निर्देश दिया गया।

बोर्ड परीक्षा में छात्रों के अच्छे प्रदर्शन के मद्देनजर कक्षा 9वी, वं 10 वीं के बच्चों के लिए आयोजित किए जा रहे मासिक परीक्षा में सितंबर-अक्टूबर महीने के रिपोर्ट में खराब प्रदर्शन पर उपायुक्त द्वारा अप्रसन्नता जाहिर की गई। उपायुक्त द्वारा मासिक परीक्षा में सभी प्रखंड व केजीबीवी के खराब प्रदर्शन पर सख्त निर्देश देते हुए 28, 29 व 30 नवंबर को अनुमंडल पदाधिकारी की निगरानी में परीक्षा आयोजित करने का निर्देश दिया गया। उन्होने स्पष्ट कहा कि यह परीक्षा वैकल्पिक नहीं है, ऐसे में सभी बच्चे अनिवार्य रूप से परीक्षा में बैठें इसे सुनिश्चित करेंगे। उन्होने कहा कि बच्चों का प्रदर्शन ही शिक्षकों व बीईईओ के मूल्यांकन का आधार बनेगा इसलिए इसमें किसी प्रकार की लापरवाही नहीं करें। एसडीएम धालभूम ने कहा कि रेमेडियल क्लास का मूल्यांकन करें कि आखिर कितना फायदा बच्चों को हो रहा, फेल हो रहे बच्चों को चिन्हित करें तथा क्या कमियां है, उसे कैसे दूर किया जा सकता है, इसपर विद्यालयवार नियमित समीक्षा के निर्देश दिए ।

जिला के पदाधिकारियों द्वारा किए गए मूल्यांकन में पाया गया कि मासिक परीक्षा में कई बच्चे एक जैसा उत्तर लिख रहे, शब्दों की त्रुटि को शिक्षक नहीं जांच रहे, कुछ बच्चे प्रश्न को ही उत्तर के रूप में दोहरा रहे, शिक्षकों द्वारा गलत उत्तर में भी नंबर दिया गया है। उपायुक्त द्वारा स्पष्ट निदेश दिया गया कि परीक्षा कदाचार मुक्त होने चाहिए। शत प्रतिशत उपस्थिति वाले बच्चों व अभिभावकों को एस.एम.सी बैठक में सम्मानित करने, किचन की साफ-सफाई, रसोइया का हेल्थ चेकअप, जिनका बच्चा पढ़ता हो उन्ही में से कोई एक रसोइया रखा जाए, बच्चों के हाथ धोने के लिए साबुन की व्यवस्था, किचेन शेड में डोरमेट, एमडीएम को मेन्यू अनुसार बनाने आदि के निर्देश दिए। छात्रवृति की समीक्षा में पाया गया कि 1726 बच्चों का बैंक खाता गलत है, संबंधित बच्चों के अभिभावकों से संपर्क कर सही बैंक खाता जमा करने का निदेश दिया गया।

उपायुक्त द्वारा निदेशित किया गया कि किसी भी विद्यालय में पेयजल व्यवस्था की कमी नहीं हो इसे सुनिश्चित करें। कहीं बोरिंग टूट गया हो, टंकी में पानी नहीं चढ़ रहा हो, चापाकल खराब हो, इन सभी से संबंधित प्रतिवेदित करें। सावित्रीबाई फुले योजना से शत प्रतिशत योग्य छात्राओं को आच्छादित करने का निर्देश दिया गया, सिर्फ 275 छात्रायें शेष हैं जिनका फॉर्म जमा नहीं हो पाया है।

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