डिजिटल डेस्क।जमशेदपुर: ग्रामीण क्षेत्रों में अंतिम व्यक्ति तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी कड़ी में उपायुक्त राजीव रंजन ने गुड़ाबांदा प्रखंड स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाओं की बारीकी से समीक्षा की और अधिकारियों को सख्त लहजे में निर्देश दिए कि किसी भी परिस्थिति में मरीजों को दवाओं की किल्लत का सामना न करना पड़े।
ग्राउंड जीरो पर दवाओं के स्टॉक की जांच
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने सबसे पहले औषधियों के स्टॉक और रखरखाव को देखा। उन्होंने निर्देश दिया कि जीवनरक्षक दवाओं के साथ-साथ नियमित उपयोग में आने वाली मेडिसिन का पर्याप्त बफर स्टॉक हमेशा उपलब्ध रहना चाहिए।मरीजों को स्वास्थ्य केंद्र से खाली हाथ न लौटना पड़े। डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी संवेदनशीलता के साथ गुणवत्तापूर्ण इलाज सुनिश्चित करें।
समीक्षा के मुख्य बिंदु: इन व्यवस्थाओं पर रहा जोर
ओपीडी और पंजीकरण: मरीजों के रजिस्ट्रेशन से लेकर डॉक्टर से परामर्श मिलने तक की प्रक्रिया को देखा और इसे और सुगम बनाने को कहा।
साफ-सफाई पर सख्त निर्देश: अस्पताल परिसर में नियमित सैनिटाइजेशन और स्वच्छता का संधारण करने की हिदायत दी।
इमरजेंसी रिस्पॉन्स (एम्बुलेंस): आपातकालीन स्थिति में मरीजों को समय पर रेफरल और ट्रांसपोर्टेशन की सुविधा मिले, इसके लिए एम्बुलेंस की चौबीसों घंटे उपलब्धता और सुचारु संचालन सुनिश्चित करने का आदेश दिया।
अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे सरकारी योजनाओं का लाभ
DC राजीव रंजन ने मौके पर मौजूद स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों को निर्देशित किया कि राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी स्वास्थ्य योजनाओं का जमीन पर प्रभावी क्रियान्वयन होना चाहिए। उन्होंने साफ किया कि सुदूर ग्रामीण इलाकों के आमजन को सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराना ही प्रशासन का मुख्य उद्देश्य है, और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

