6 साल बाद घर लौटा दिल्ली दंगों का आरोपी शरजील इमाम, 10 दिन की मिली है अंतरिम जमानत

Reena Sharma
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दिल्ली की एक अदालत ने 2020 के दिल्ली दंगों के मामले में आरोपी कार्यकर्ता शरजील इमाम को 10 दिन की अंतरिम जमानत दी है। जिसके बाद वह लगभग 6 साल बाद जेल से बाहर निकला। भाई की शादी में शामिल होने के लिए और बीमार मां से मिलने के लिए उसे जमानत मिली है। पिछले 6 सालों से तिहाड़ जेल की सलाखों के पीछे बंद शरजील इमाम 21 मार्च को बिहार के जहानाबाद जिले में स्थित अपने पैतृक गांव काको पहुंचा।

30 मार्च तक जमानत

कोर्ट ने भाई मुज़्जमिल इमाम की शादी के लिए 10 दिनों का पैरोल दिया है, जिसके बाद वह जेल से बाहर निकला और 20 मार्च की देर रात अपने गांव काको पहुंचा। शरजील इमाम के घर पहुंचने पर पूरा परिवार काफी खुश है। परिवार में खुशियां इसलिए भी दुगुनी हो गई हैं कि ईद के साथ भाई की शादी में शिरकत का मौका मिला है। शरजील इमाम 20 मार्च से 30 मार्च तक जेल से बाहर रहेंगे।

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50 हजार के निजी मुचलके पर मिली जमानत

अदालत ने कड़ी शर्तों के अधीन 50,000 रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि के दो जमानतदारों को पेश करने पर राहत दी। इमाम ने छह सप्ताह की अंतरिम जमानत मांगी थी, जिसमें उन्होंने कहा था कि उनके छोटे भाई मुजम्मिल इमाम की शादी 25 मार्च को होनी है। उनके वकील ने बताया कि बड़े भाई होने के नाते उन्हें 22 से 28 मार्च के बीच होने वाली शादी की रस्मों, जिनमें मेहंदी, हल्दी, निकाह और रिसेप्शन शामिल हैं, में सहायता और भाग लेना आवश्यक है। याचिका में उनकी मां की खराब सेहत का भी हवाला दिया गया था, जिसमें कहा गया था कि छोटा भाई जो उनकी प्राथमिक देखभालकर्ता है, शादी की तैयारियों में व्यस्त रहेगा।

सोशल मीडिया यूज पर पूरी तरह पाबंदी

भले ही शरजील को 10 दिनों की राहत मिली है, लेकिन कोर्ट ने इस दौरान सख्त नियम लागू किए हैं। जेल के बाहर रहते हुए शरजील किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का उपयोग नहीं कर सकेगा। इस दौरान वह केवल परिवार और बेहद करीबी रिश्तेदारों से ही मिल सकता है। पेरोल के दौरान उन्हें निर्धारित स्थान के भीतर ही रहना होगा और किसी भी राजनीतिक गतिविधि से दूर रहना होगा।

कौन हैं शरजील इमाम?

शरजील इमाम ने IIT बॉम्बे से इंजीनियरिंग किए हुए हैं, और उनके पिता अशरफ इमाम जेडीयू से जहानाबाद विधानसभा का चुनाव भी लड़ चुके हैं। शरजील पर 2020 में दिल्ली में सीएए के विरोध में दंगा भड़काने और भड़काऊ भाषण देने का आरोप है। इसके साथ ही उनके ऊपर UAPA भी लगाया गया है।

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