उपायुक्त का मुसाबनी-डुमरिया दौरा: फाइलों की जांच के साथ-साथ जमीन पर उतरे DC राजीव रंजन, जल्द शुरू होगा नया अस्पताल

Manju
By Manju
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डिजिटल डेस्क।जमशेदपुर: ग्रामीण क्षेत्रों में चल रही विकास योजनाओं की जमीनी हकीकत जानने और प्रशासनिक कामकाज को दुरुस्त करने के लिए उपायुक्त राजीव रंजन ने मुसाबनी और डुमरिया प्रखंड का औचक दौरा किया। इस दौरान जहां एक तरफ उन्होंने दफ्तरों में चल रही सुस्ती पर अधिकारियों को फटकार लगाई, वहीं दूसरी तरफ ग्रामीणों के बीच जाकर सरकारी योजनाओं का फीडबैक भी लिया। उपायुक्त के इस दौरे से साफ संकेत मिला है कि सरकारी काम में लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस दौरे की दो सबसे बड़ी बातें रही मुसाबनी में किसान के बागान पहुंचना और डुमरिया में नए अस्पताल को जल्द शुरू करने का आदेश।

डुमरिया को जल्द मिलेगी नए अस्पताल की सौगात
​डुमरिया क्षेत्र के लोगों के लिए अच्छी खबर है। उपायुक्त ने नवनिर्मित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के नए भवन का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने वहां चिकित्सा सुविधाओं, पानी-बिजली और जरूरी संसाधनों का जायजा लिया और अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि भवन के जो भी छोटे-मोटे काम बचे हैं, उन्हें तुरंत पूरा किया जाए। अस्पताल की शिफ्टिंग नए भवन में जल्द से जल्द की जाए ताकि ग्रामीणों को बेहतर इलाज के लिए दूर न जाना पड़े। उपायुक्त ने कहा कि नए भवन में अस्पताल शिफ्ट होने से इस सुदूर ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं उनके घर के पास ही मिल सकेंगी।

फाइलों की गहन जांच: पारदर्शिता नहीं तो कार्रवाई
​मुसाबनी और डुमरिया प्रखंड कार्यालयों के निरीक्षण के दौरान उपायुक्त का कड़ा रुख देखने को मिला। उन्होंने सिर्फ अधिकारियों की बातें नहीं सुनीं, बल्कि खुद फाइलों को खंगाला।
पंजियों की जांच: कर्मचारियों की उपस्थिति पंजी और चिट्ठियों के आगत-निर्गत रजिस्टर की जांच की।
योजनाओं की समीक्षा: 15वें वित्त आयोग के फंड, मनरेगा और प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बन रहे घरों की प्रगति देखी।
समय सीमा की चेतावनी: उन्होंने दो टूक कहा कि आम जनता के काम में देरी बर्दाश्त नहीं होगी। काम में पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्धता होनी चाहिए।

किसान के बागान पहुंचे DC, जाना आमदनी का हाल
​प्रशासनिक अमले के साथ मुसाबनी पहुंचे उपायुक्त सीधे आम बागवानी योजना के एक लाभुक (किसान) के खेत में जा पहुंचे। उन्होंने पौधों की स्थिति देखी और किसान से पूछा कि इस योजना से उनकी आय में कितना सुधार हो रहा है।
​उपायुक्त ने कहा कि बागवानी जैसी योजनाएं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के साथ-साथ किसानों और ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। इसके साथ ही उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे किसानों को सिर्फ योजना का लाभ देकर न छोड़ें, बल्कि उन्हें समय-समय पर तकनीकी मार्गदर्शन और हर संभव सहयोग भी उपलब्ध कराएं। ​इस दौरे के बाद दोनों प्रखंडों के अधिकारियों में हड़कंप है और उम्मीद की जा रही है कि अटके हुए जनहित के कामों में अब तेजी आएगी।

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