16 पंचायतों में औचक निरीक्षण के बाद बड़ी कार्रवाई, शिक्षा, स्वास्थ्य और आंगनबाड़ी व्यवस्था में मिली भारी लापरवाही
धनबाद : बलियापुर प्रखंड में जनकल्याणकारी योजनाओं और सरकारी संस्थानों की जमीनी हकीकत सामने आने के बाद जिला प्रशासन एक्शन मोड में आ गया है। उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आदित्य रंजन ने प्रखंड कार्यालय में समीक्षा बैठक के दौरान शिक्षा, स्वास्थ्य, आंगनबाड़ी, खाद्य आपूर्ति और पंचायत व्यवस्था में मिली अनियमितताओं पर सख्त रुख अपनाते हुए कई अधिकारियों और कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए।
समीक्षा बैठक के साथ गठित 12 निरीक्षण टीमों ने बलियापुर की 16 पंचायतों में मनरेगा, आंगनबाड़ी केंद्र, स्वास्थ्य केंद्र, जन वितरण प्रणाली, स्कूलों और पेयजल योजनाओं का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण रिपोर्ट में कई जगहों पर लापरवाही और अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने पर उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों, कर्मियों और संवेदकों पर कार्रवाई के निर्देश जारी किए।
आंगनबाड़ी केंद्रों में संतोषजनक कार्य नहीं होने पर बलियापुर की सीडीपीओ और महिला पर्यवेक्षिका का वेतन तत्काल प्रभाव से रोकने का आदेश दिया गया। वहीं शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान मध्य विद्यालय मोदीडीह में भूमि संबंधी भ्रामक पत्र जारी करने के मामले में प्रभारी प्रधानाध्यापक को निलंबित करने का निर्देश दिया गया। डोलाबाद उच्च विद्यालय की खराब व्यवस्था पर प्रभारी प्रधानाध्यापक को शोकॉज करते हुए उनका वेतन भी रोक दिया गया।
स्कूलों की बदहाल स्थिति को लेकर जिला शिक्षा अधीक्षक (डीएसई) को भी शोकॉज जारी करने का निर्देश दिया गया है। इसके अलावा बलियापुर के बीपीओ, बीआरसी और सीआरसी कर्मियों के वेतन पर रोक लगाने के साथ वार्षिक वेतन वृद्धि रोकने का आदेश भी दिया गया।
स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्था पर नाराजगी जताते हुए प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी का वेतन रोकने तथा उनके स्थानांतरण की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया गया। वहीं कुसमाटांड पंचायत में अनियमितता मिलने पर संबंधित वीएलई का लाइसेंस रद्द करने और पोस्टमास्टर को कारण बताओ नोटिस जारी करने का आदेश दिया गया।
प्रधानखंता पंचायत के पंचायत सचिव का वेतन रोकने के साथ स्पष्टीकरण मांगा गया है। वहीं अलकडीहा क्षेत्र में डीएमएफटी मद से चल रहे कार्यों में लापरवाही बरतने वाली संवेदक एजेंसी को हटाने का निर्देश भी उपायुक्त ने दिया।
बैठक में उपायुक्त ने स्पष्ट कहा कि सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही, उदासीनता या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी पदाधिकारी तय समय सीमा के भीतर कार्यों का निष्पादन सुनिश्चित करें और आम लोगों को योजनाओं का लाभ पारदर्शी एवं प्रभावी तरीके से उपलब्ध कराएं।

