धनबाद: झारखंड सरकार की नई रॉयल्टी और चालान संबंधी नीति के विरोध में सोमवार को धनबाद संवेदक संघ ने कंबाइंड बिल्डिंग से रणधीर वर्मा चौक तक पैदल मार्च निकाला। इस दौरान संवेदकों ने राज्य सरकार और खनन विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए नीति वापस लेने की मांग की।
संघ के अध्यक्ष आकाश रवानी ने कहा कि सरकार द्वारा बिना रॉयल्टी चालान के कार्यों का भुगतान रोकने की व्यवस्था से जिले के संवेदकों में भारी नाराजगी है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को लेकर एक दिवसीय धरना आयोजित किया जाएगा और उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री एवं खनन मंत्री को ज्ञापन सौंपकर इस नीति पर पुनर्विचार करने की मांग की जाएगी।
आकाश रवानी ने कहा कि धनबाद में अभी तक बालू का टेंडर नहीं हुआ है और गिट्टी के चालान भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। ऐसे में सरकार जिस चालान की मांग कर रही है, उसे प्राप्त करना संवेदकों के लिए व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है। उन्होंने बताया कि पहले निर्धारित प्रक्रिया के तहत चालान शुल्क जमा कर कार्यों का भुगतान हो जाता था, लेकिन नई व्यवस्था के कारण कई संवेदकों का भुगतान अटक गया है, जिससे निर्माण कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
संवेदक संघ ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द इस नीति में बदलाव नहीं किया तो जिले के संवेदक किसी भी सरकारी विभाग की नई निविदाओं (टेंडर) में भाग नहीं लेंगे। संघ का कहना है कि मौजूदा व्यवस्था से विकास कार्यों पर भी प्रतिकूल असर पड़ सकता है।

