डिजिटल डेस्क।जमशेदपुर : पूर्वी सिंहभूम जिले में मलेरिया का प्रकोप एक बार फिर गंभीर रूप लेता दिख रहा है। हालांकि राहत की बात यह है कि स्वास्थ्य विभाग बड़े पैमाने पर सैंपलिंग और निरोधात्मक कार्रवाई के जरिए संक्रमण पर काबू पाने में जुट गया है। जिले भर में चलाए गए विशेष जांच अभियान के दौरान दर्जनों नए मामले सामने आए हैं, जिनमें सबसे अधिक चिंताजनक स्थिति ब्रेन मलेरिया (पीएफ) के मामलों को लेकर बनी हुई है।
पॉजिटीविटी रेट कम, पर दिमागी मलेरिया के केस अधिक
स्वास्थ्य केंद्रों पर हुई व्यापक जांच में मलेरिया की पॉजिटीविटी दर 0.89 प्रतिशत दर्ज की गई। दैनिक आंकड़ों की बात करें तो कुल 52 लोग मलेरिया की चपेट में पाए गए हैं। इनमें से सबसे गंभीर बात यह है कि 45 मरीजों में ब्रेन मलेरिया (फाल्सीपेरम/PF) की पुष्टि हुई है। वहीं, 6 मरीज सामान्य मलेरिया (वाइवैक्स/PV) से पीड़ित हैं और 1 मरीज में दोनों का मिला-जुला असर देखा गया है।
जानिए कहां मिले कितने मरीज?
पोटका: 1,415 लोगों की जांच में सर्वाधिक 14 मरीज संक्रमित पाए गए।
घाटशिला व मुसाबनी: दोनों क्षेत्रों में 10-10 नए मामले दर्ज किए गए।
डुमरिया: 5 लोग मलेरिया पॉजिटिव निकले।
धालभूमगढ़ व सदर अस्पताल क्षेत्र: दोनों इलाकों से 3-3 मरीज सामने आए।
जुगसलाई: 2 मरीज मिले।
बहरागोड़ा: 1 मरीज की पुष्टि हुई।
स्वास्थ्य विभाग की त्वरित कार्रवाई
बीमारी के प्रसार को रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग एक्शन मोड में आ गया है। शुक्रवार को कुल 5,857 लोगों की मलेरिया जांच की गई, जिनमें से 4,929 लोगों का परीक्षण आरडीटी किट से और 928 लोगों की ब्लड स्लाइड बनाकर जांच की गई। संक्रमण को आगे फैलने से रोकने के लिए विभाग ने त्वरित कदम उठाते हुए 3 गांवों में कीटनाशक दवा का छिड़काव (IRS) कराया है, जबकि 1 प्रभावित गांव में गहन फॉगिंग कराई गई है। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से आसपास पानी जमा न होने देने और मच्छरों से बचाव के उपाय अपनाने की अपील की है।

