20 जनवरी तक जांच नहीं हुई तो शांतिपूर्ण धरना, यशवंत सिन्हा की मौजूदगी का ऐलान
पूर्व विधायक शंकर चौधरी ने सोमवार को रामगढ़ के उपायुक्त फैज़ अक अहमद मुमताज़ को बीएफसीएल (BFCL) से हो रहे प्रदूषण के संबंध में एक लिखित आवेदन सौंपा। इसके बाद उन्होंने अपने कार्यालय में प्रेस वार्ता कर प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए।
मुख्यमंत्री का गृह जिला होने के बावजूद लोग प्रदूषण से त्रस्त
पूर्व विधायक ने कहा कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि रामगढ़, जो मुख्यमंत्री का गृह जिला है, वहां रांची रोड, मरार, भरेचनगर, नईसराय, हेसला सहित कई इलाकों के लोग पिछले एक वर्ष से प्रदूषण के खिलाफ आंदोलन करने को मजबूर हैं। इसके बावजूद संबंधित विभाग “कुंभकर्णी नींद” में सोए हुए हैं और कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है।
केवल एक उद्योग नहीं, सभी इकाइयों पर हो समान नियम
शंकर चौधरी ने कहा कि हाल ही में मुख्यमंत्री द्वारा आलोक इंडस्ट्रीज के प्रदूषण पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे, जो अपने आप में विभागों के लिए शर्मनाक स्थिति को दर्शाता है। उन्होंने सवाल उठाया कि केवल एक उद्योग पर ही कार्रवाई क्यों, जबकि पूरे क्षेत्र में स्थित सभी औद्योगिक इकाइयों के लिए समान और सख्त नियम लागू होने चाहिए।
उन्होंने कहा कि रामगढ़ में जिंदल के बाद बीएफसीएल सबसे बड़ी फैक्ट्री है, जिससे भारी मात्रा में प्रदूषण फैल रहा है और आमजन का जीवन प्रभावित हो रहा है।
बिना सूचना निरीक्षण की मांग
पूर्व विधायक ने उपायुक्त से आग्रह किया कि वे स्वयं बिना किसी पूर्व सूचना के बीएफसीएल कारखाने का निरीक्षण करें। निरीक्षण के दौरान यह देखा जाए कि कारखाने से कितना प्रदूषण फैल रहा है, वहां तक पहुंचने के लिए समुचित सड़क व्यवस्था है या नहीं, तथा लगभग 300 ट्रकों के रोजाना आवागमन से घनी आबादी वाले इलाके में रहने वाले गरीब लोग किन परिस्थितियों में जीवन यापन कर रहे हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि कारखाने में श्रमिकों को मिलने वाली मूलभूत सुविधाओं की भी जांच होनी चाहिए।
20 जनवरी तक जांच नहीं हुई तो धरना
शंकर चौधरी ने चेतावनी दी कि यदि 20 जनवरी 2026 से पहले उपायुक्त द्वारा स्वयं कारखाने का निरीक्षण नहीं किया गया, तो वे 20 से 22 जनवरी 2026 तक तीन दिवसीय शांतिपूर्ण धरना देंगे। यह धरना प्रतिदिन सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित किया जाएगा।
आंदोलन को मिलेगा प्रदेश और राष्ट्रीय नेताओं का समर्थन
उन्होंने कहा कि इस आंदोलन में प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर के नेताओं का पूरा सहयोग रहेगा। विशेष रूप से पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं पूर्व विदेश मंत्री यशवंत सिन्हा स्वयं आंदोलन में उपस्थित रहेंगे।
पूर्व विधायक ने उम्मीद जताई कि प्रशासन समय रहते कार्रवाई कर लगभग 50 हजार प्रभावित लोगों को प्रदूषण से राहत दिलाएगा, जिससे क्षेत्र की जनता आभारी होगी।

