शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद धर्मेंद्र प्रधान सोमवार को पहली बार संसद पहुंचे। संसद परिसर के मकर द्वार पर एनडीए सांसदों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरान सांसदों ने उनके समर्थन में नारे लगाए और उन्हें पारंपरिक पाग पहनाकर सम्मानित किया। स्वागत का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि एनडीए सांसदों द्वारा इस तरह का स्वागत यह संदेश देने की कोशिश है कि धर्मेंद्र प्रधान ने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दिया है, न कि किसी राजनीतिक दबाव में। वहीं, संसद के दोनों सदनों में विपक्ष ने विभिन्न मुद्दों को लेकर हंगामा किया, जिसके चलते लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।
गौरतलब है कि हाल के छात्र आंदोलनों और विरोध प्रदर्शनों के बाद धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। इस्तीफे की जानकारी उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा करते हुए कहा था कि देश की युवाशक्ति भारत की सबसे बड़ी ताकत है और वह नहीं चाहते कि छात्रों का भविष्य किसी कानूनी या राजनीतिक विवाद में उलझे।
उन्होंने अपने संदेश में प्रधानमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा था कि देशहित, छात्रों के भविष्य और राष्ट्रीय एकता को ध्यान में रखते हुए उन्होंने अपना त्यागपत्र सौंपने का निर्णय लिया। धर्मेंद्र प्रधान ने यह भी कहा कि उनका उद्देश्य हमेशा युवाओं के सपनों और आकांक्षाओं की रक्षा करना रहा है।

