होली से पहले बिहार में अलर्ट जारी कर दिया गया है। पुलिस ने होली के दौरान बदमाशी और उपद्रव के खिलाफ जीरो-टॉलरेंस नीति की घोषणा की है। यानी होली के नाम पर दंगा-फसाद, हुड़दंग या अव्यवस्था फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। इसके तहत राज्य के सभी बड़े शहरों और संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किए गए हैं।
डीजीपी विनय कुमार ने दी महत्वपूर्ण जानकारी
डीजीपी विनय कुमार ने सभी जिला पुलिस प्रमुखों को त्योहार को देखते हुए सख्त निवारक उपाय करने का निर्देश दिया है। पुलिस थाना अधिकारियों को अपने क्षेत्रों में संवेदनशील स्थानों की पहचान कर अतिरिक्त सतर्क रहने के लिए कहा गया है। हर जिले में कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं, जो दो-घंटे के अंतराल पर हालात की निगरानी करेंगे। किसी भी अप्रिय घटना की सूचना तुरंत डीजीपी कंट्रोल रूम को दी जाएगी।
इन जिलों में हाई अलर्ट जारी
पिछले सालों में जिन जिलों में जहरीली शराब से मौतें हुई हैं, वहां इन विशेष टीमों को प्राथमिकता के आधार पर भेजा गया है। इनमें दरभंगा, समस्तीपुर, सारण, गोपालगंज, सिवान, गया, औरंगाबाद, नवादा, मुजफ्फरपुर, मोतिहारी, बेतिया, भागलपुर और बांका शामिल हैं। इन जिलों में संवेदनशील स्थानों पर लगातार निगरानी रखी जाएगी।
त्योहार के बहाने दंगा या अव्यवस्था फैलाने वालों की खैर नहीं
होली के दौरान शांति भंग करने वाले बाइक गैंग, रोड रेसर्स और अन्य उपद्रवी तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की घोषणा की है। अधिकारियों ने कहा कि जो भी लोग त्योहार के बहाने दंगा या अव्यवस्था फैलाने की कोशिश करेंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
अफवाहें या नफरत फैलाने वालों पर होली सख्ती
पुलिस मुख्यालय ने पिछले तीन होली त्योहारों में हुई घटनाओं की समीक्षा करने, पुराने विवादों और भूमि संघर्षों पर नजर रखने, बीएनएसएस और सीआरपीसी की संबंधित धाराओं के तहत निवारक कार्रवाई करने और सभी समुदायों के उपद्रवी तत्वों के खिलाफ निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया है। अधिकारियों को कहा गया है कि छोटे साम्प्रदायिक घटनाओं को भी हल्के में न लें। गंभीर स्थिति उत्पन्न होने पर वरिष्ठ जिला अधिकारी स्वयं मौके पर पहुंचे। धार्मिक संगठन या व्यक्ति जो अफवाहें या नफरत फैलाते हैं, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होगी।

