बंगाल में वार-पलटवार: सुवेंदु ने मुर्शिदाबाद हिंसा तो ममता की ऑपरेशन सिंदूर पर विशेष सत्र की मांग

Manju
By Manju
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मिरर डेस्क। कोलकाता: पश्चिम बंगाल में सियासी घमासान तेज हो गया है। नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने मुर्शिदाबाद में अप्रैल 2025 में हुई सांप्रदायिक हिंसा को लेकर विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की मांग की। वहीं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भारत-पाकिस्तान हालिया विवाद और ऑपरेशन सिंदूर पर संसद का विशेष सत्र बुलाने की मांग कर पलटवार किया। दोनों नेताओं के बीच तीखी बयानबाजी ने राज्य की राजनीति को गरमा दिया है।

सुवेंदु की मांग: मुर्शिदाबाद हिंसा पर विधानसभा सत्र
सुवेंदु अधिकारी ने शुक्रवार को मुर्शिदाबाद जिले में हुई हिंदू विरोधी हिंसा पर चर्चा के लिए विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की मांग की। उन्होंने शमशेरगंज में पिता-पुत्र हरगोबिंद दास और चंदन दास की हत्या को बंगाल की अंतरात्मा पर दाग बताया। सुवेंदु ने कलकत्ता हाई कोर्ट की तीन सदस्यीय समिति की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि हिंसा में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के स्थानीय नेताओं की संलिप्तता सामने आई है। उन्होंने ममता पर निशाना साधते हुए एक्स पर पोस्ट किया, ‘मुर्शिदाबाद की भीषण हिंसा पर चर्चा के लिए विधानसभा सत्र क्यों नहीं बुलाया जाता?’ सुवेंदु ने सवाल उठाए कि पुलिस आपातकाल में नाकाम क्यों रही, हिंदुओं के घरों को चुन-चुनकर क्यों निशाना बनाया गया, और टीएमसी नेता हिंसा में क्यों शामिल थे?

ममता का पलटवार: भारत-पाक विवाद पर संसद सत्र की मांग
ममता बनर्जी ने सुवेंदु की मांग का जवाब देते हुए केंद्र से संसद का विशेष सत्र बुलाने की मांग की। उन्होंने पहलगाम आतंकी हमले, ऑपरेशन सिंदूर, और भारत-पाकिस्तान संघर्षविराम पर देशवासियों को जानकारी देने की जरूरत बताई। ममता ने एक्स पर लिखा, “प्रतिनिधिमंडल के लौटने के बाद संसद का विशेष सत्र बुलाया जाए। देशवासियों को किसी और से पहले हालात की जानकारी मिलनी चाहिए।” ममता का इशारा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर माना जा रहा है, जिन्होंने भारत-पाक युद्धविराम की घोषणा की थी। ममता की इस मांग को उनके भतीजे और टीएमसी महासचिव अभिषेक बनर्जी ने रीपोस्ट किया, जो जापान सहित पांच देशों की यात्रा पर हैं। कांग्रेस, आरजेडी, शिवसेना (यूबीटी), सीपीआई, और सीपीएम जैसी विपक्षी पार्टियों ने भी संसद सत्र की मांग का समर्थन किया है।

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