बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 1 मार्च को 75 वर्ष के हो गए हैं। इस मौके पर पटना सहित राज्य के विभिन्न जिलों में जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने काफी उत्साह के साथ जन्मदिन मनाया। इस अवसर पर जगह-जगह केक काटे गए। पटना स्थित जेडीयू कार्यालय में कार्यकर्ताओं द्वारा काटे गए केक पर निशांत की तस्वीर भी रखी गई थी, और कई जगहों पर पिता-पुत्र दोनों के नाम के नारे लगे।
नीतीश के जन्मदिन पर निशांत की चर्चा
इधर, पिता के जन्मदिन के विशेष अवसर पर बेटे निशांत कुमार पटना के महावीर मंदिर और इस्कॉन मंदिर में पूजा-अर्चना करने पहुंचे। इसके बाद वे 1 अणे मार्ग स्थित मुख्यमंत्री आवास गए, जहां उन्होंने अपने पिता के पैर छुए और उन्हें प्रसाद दिया। इस पारिवारिक भेंट की तस्वीरें सामने आते ही सोशल मीडिया पर राजनीति में उनके प्रवेश को लेकर चर्चाएं तेज हो गईं।
निशांत कुमार को राज्यसभा भेजने का कयास
इस बार निशांत कुमार को राज्यसभा भेजे जाने के सुर तेजी से उठने लगे हैं। बिहार में 16 मार्च को राज्यसभा की पांच सीटों के लिए चुनाव होने हैं, जिसमें जेडीयू के संख्या बल के अनुसार दो सीटों पर जीत तय मानी जा रही है। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि क्या निशांत कुमार को राज्यसभा भेजा जा सकता है। हालांकि इस मुद्दे पर कोई खुलकर बोलने को तैयार नहीं है, लेकिन अटकलों को खारिज भी नहीं किया गया है।
निशांत की राजनीतिक एंट्री नीतीश के सिद्धांतों की परीक्षा
निशांत कुमार को अगर राज्यसभा भेजा जाता है, तो यह नीतीश कुमार की दशकों पुरानी राजनीतिक छवि और सिद्धांतों की सबसे बड़ी परीक्षा भी होगी। दरअसल, नीतीश कुमार उन नेताओं में रहे हैं, जिन्होंने लगातार परिवारवाद की राजनीति का विरोध किया है और अपने परिवार को सक्रिय राजनीति से दूर रखा है। ऐसे में बड़ा सवाल यही है क्या इस बार नीतीश कुमार अपनी ही खींची लकीर को पार करेंगे? अगर नीतीश कुमार अपने बेटे को राज्यसभा भेजते हैं, तो उन्हें कई बड़े सवालों का सामना करना पड़ेगा।
लंबे समय से निशांत के राजनीतिक प्रवेश की मांग
बता दें कि लंबे समय से पार्टी के भीतर निशांत कुमार को राजनीति में लाने की मांग उठती रही है। विधानसभा चुनाव के दौरान निशांत कई क्षेत्रों में सक्रिय भी दिखे थे। समर्थकों ने खुले तौर पर उनसे राजनीति में आने की अपील की थी। यहां तक दावा किया गया था कि निशांत कुमार विधानसभा चुनाव लड़ेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। अब राज्यसभा चुनाव की तारीख नजदीक आते ही राजनीति में उनके प्रवेश को लेकर चर्चाएं तेज हो गईं।

