डिजिटल डेस्क।जमशेदपुर: झारखंड एकेडमी काउंसिल द्वारा घोषित मैट्रिक की परीक्षा में इस बार पूर्वी सिंहभूम जिले के छात्रों ने अपनी मेधा का लोहा मनवाया है। जिले ने न केवल शानदार पास प्रतिशत दर्ज किया, बल्कि पूरे राज्य में चौथा स्थान हासिल कर अपनी शैक्षणिक मजबूती का परिचय दिया है। जिले का कुल परीक्षा परिणाम 98.02 प्रतिशत रहा, जो यहां की शिक्षा व्यवस्था और छात्रों की मेहनत की एक सुनहरी तस्वीर पेश करता है।
छोटे गांवों से निकले बड़े सितारे
इस बार के नतीजों की सबसे खास बात यह रही कि टॉपर लिस्ट में ग्रामीण और कस्बाई इलाकों के स्कूलों का दबदबा देखने को मिला। एस.एस. विद्यामंदिर हाई स्कूल, बहरागोड़ा के छात्र ओम कुमार ने 98.4% (492 अंक) हासिल कर जिले में पहला स्थान प्राप्त किया है। उनकी इस सफलता ने साबित कर दिया कि अगर लगन सच्ची हो, तो संसाधनों की कमी सफलता के आड़े नहीं आती।
दूसरे स्थान पर शिप्रा प्रधान (एल.बी.एस. हाई स्कूल, जयपुरा) रहीं, जिन्होंने 97.6% अंक प्राप्त किए। वहीं, गीता गोराई (बी.एस.एस.पी. विद्या मंदिर, सोनारी) ने भी 97.2% अंकों के साथ संयुक्त रूप से अपनी जगह बनाई। तीसरे स्थान पर विवेकानंद हाई स्कूल, साकची के उमेश मांडी रहे, जिन्होंने 97% अंक पाकर जिले का मान बढ़ाया।
सफलता के पीछे ‘नियमित मॉनिटरिंग’ का हाथ
जिले की इस उपलब्धि पर खुशी जाहिर करते हुए उपायुक्त राजीव रंजन ने सभी सफल विद्यार्थियों, उनके अभिभावकों और शिक्षकों को बधाई दी। प्रशासन का मानना है कि जिले के शैक्षणिक संस्थानों में दी जा रही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा की जा रही नियमित मॉनिटरिंग का ही यह सुखद परिणाम है। इस साल जिले से कुल 21,181 परीक्षार्थी शामिल हुए थे, जिनमें से 20,762 छात्र-छात्राओं ने सफलता का स्वाद चखा है।
टॉप-10 में इन होनहारों ने बनाई जगह
जिले की मेरिट लिस्ट में आदिवासी हाई स्कूल, बोड़ाम की अनामिका महतो और टी.एम.एम. हाई स्कूल, कराडुबा की कोयल रानी साव ने भी 97% अंक पाकर अपनी चमक बिखेरी। इनके अलावा मोहन महतो (विवेकानंद हाई स्कूल), शंकर गिरी (जी.सी.जे.डी. हाई स्कूल, मुसाबनी), हेमा मन्ना (अपग्रेडेड हाई स्कूल, हलदाजुड़ी) और खुशी कुमारी (सेंट मैरीज़ हिंदी हाई स्कूल, बिष्टुपुर) जैसे नाम टॉप-10 की सूची में शामिल रहे। पूर्वी सिंहभूम के इन युवाओं ने न केवल अपने माता-पिता का सिर ऊंचा किया है, बल्कि झारखंड के शैक्षणिक मानचित्र पर जिले को एक नई पहचान दिलाई है। अब इन मेधावी छात्रों की नजरें अपने करियर के अगले पड़ाव और उज्ज्वल भविष्य पर टिकी हैं।

